राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को बालोतरा में समाधि, मौत को लेकर उठे कई सवाल !

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राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे बालोतरा जिले के परेऊ गांव स्थित उनके आश्रम में समाधि दी गई। साध्वी का बुधवार शाम जोधपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से ही मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

साध्वी की मौत के करीब तीन घंटे बाद एक कथित सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है। इस नोट ने पूरे घटनाक्रम को रहस्यमय बना दिया है।


पिता का दावा: सिर्फ जुकाम था, इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत

साध्वी प्रेम बाईसा के पिता ने उनकी मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बाईसा को केवल जुकाम था, कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।

पिता के अनुसार, अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ सेकेंड बाद ही साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसी वजह से परिवार और भक्तों के बीच इलाज में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है।


ब्लैकमेलिंग केस से भी जोड़कर देख रहे भक्त

साध्वी के कई अनुयायी उनकी मौत को छह महीने पुराने एक ब्लैकमेलिंग केस से भी जोड़कर देख रहे हैं। यह मामला उनके पिता से जुड़ा बताया जा रहा है। भक्तों का मानना है कि इस प्रकरण के चलते साध्वी मानसिक दबाव में थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


गांव में उमड़ा जनसैलाब, भावुक हुए पिता

गुरुवार देर शाम जोधपुर से साध्वी की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव परेऊ लाई गई। इसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, भक्त और समर्थक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

इस दौरान साध्वी के पिता बेहद भावुक नजर आए और कई बार फूट-फूटकर रोते दिखे। गांव का माहौल गमगीन हो गया।


अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे साधु-संत

शुक्रवार को अंतिम संस्कार और समाधि से पहले बड़ी संख्या में साधु-संत, धार्मिक अनुयायी और समर्थक परेऊ गांव पहुंचे। साध्वी की पार्थिव देह को आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।

धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार के बाद उन्हें समाधि दी गई।


जांच की मांग तेज

साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत, कथित सुसाइड नोट, इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ना और पुराने विवाद—इन सभी कारणों से अब निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। भक्त और समर्थक सच्चाई सामने लाने की अपील कर रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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