इंदौर/शिलॉन्ग।
इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। मेघालय पुलिस इस मामले का चालान आगामी 1 सितंबर को शिलॉन्ग कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। चालान पेश करने से पहले पुलिस की एक विशेष टीम मंगलवार देर रात इंदौर पहुंची। टीम का उद्देश्य हत्याकांड में इस्तेमाल हुए मोबाइल फोनों से संबंधित अहम सबूत इकट्ठा करना है।
मोबाइल दुकानदारों से पूछताछ

मेघालय पुलिस के पास आरोपियों के तीन मोबाइल फोन के बिल और दुकानदारों की जानकारी पहले से मौजूद है। इसी आधार पर टीम ने इंदौर के मोबाइल शॉप संचालकों से संपर्क साधा है। बुधवार को उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस मान रही है कि मोबाइल से जुड़े तकनीकी और खरीदारी से संबंधित सबूत मामले की गुत्थी को और पुख्ता करेंगे।
आरोपियों की ओर से निजी वकील नहीं
फिलहाल जेल में बंद किसी भी आरोपी की तरफ से कोई निजी वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ है। हालांकि, राजा रघुवंशी के परिजनों को सूचना मिली है कि मुख्य आरोपी सोनम के परिवार ने उसके लिए एक वकील नियुक्त किया है।
वहीं, राजा रघुवंशी का परिवार लगातार अदालत में सक्रिय है। उनके वकील ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया है। एक सप्ताह पहले भी जब आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था, तब भी परिवार की ओर से कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
कैसे सामने आया हत्याकांड
राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम से हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को दंपती सोहरा की यात्रा पर गया और एक एक्टिवा किराए पर ली। लेकिन 24 मई से दोनों का परिवार से संपर्क टूट गया।
27 मई को सर्चिंग शुरू हुई, पर तेज बारिश के चलते 29 मई को रोकनी पड़ी। 30 मई को फिर तलाश शुरू हुई और 2 जून को खाई में राजा का शव बरामद हुआ।
हत्या का तरीका
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि राजा की हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी। यह खुलासा बेहद चौंकाने वाला था, जिसने पूरे रघुवंशी परिवार को झकझोर दिया।

सोनम की गिरफ्तारी और खुलासे
पुलिस ने राजा की पत्नी सोनम की तलाश तेज की और 9 जून को वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित एक ढाबे से गिरफ्तार हुई। पूछताछ और जांच के बाद मामले की परत-दर-परत खुलती चली गई। अब तक पुलिस 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 3 जमानत पर बाहर आ चुके हैं।
1 सितंबर को बड़ा दिन
अब इस केस में 1 सितंबर को बड़ा दिन माना जा रहा है, जब मेघालय पुलिस चालान कोर्ट में पेश करेगी। चालान में आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सभी सबूत, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच की रिपोर्ट शामिल होगी।
कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों से जुड़े लोग इस हत्याकांड की गंभीरता पर निगाह रखे हुए हैं। वहीं, इंदौर और छिंदवाड़ा के व्यापारी वर्ग में भी इस केस को लेकर गहरी चर्चा है।
👉 यह मामला न केवल विश्वासघात और योजनाबद्ध हत्या का उदाहरण है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे आधुनिक तकनीक, मोबाइल डेटा और बिल जैसे साधारण लगने वाले सबूत अब अपराध सुलझाने में निर्णायक बनते जा रहे हैं।