कलेक्टर के निर्देश पर देवरी में हुई महत्वपूर्ण बैठक, विस्थापित परिवारों की समस्याओं का होगा समाधान
सागर, 11 सितम्बर 2025
रानी दुर्गावती नौरादेही अभ्यारण्य के विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश पर देवरी में गुरुवार को विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विस्थापित परिवारों की समस्याओं को न केवल सुना गया, बल्कि तत्काल निराकरण के लिए ठोस कदम भी उठाए गए।

विस्थापितों की पीड़ा पर संवेदनशीलता
बैठक में शामिल एसडीएम मुनव्वर खान ने बताया कि कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि –
- रानी दुर्गावती अभ्यारण्य से विस्थापित होने वाले सभी परिवारों को समय पर भू-अर्जन की राशि उपलब्ध कराई जाए।
- नए विस्थापन स्थलों पर बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- किसी भी परिवार को अनदेखा न किया जाए और उनकी राय एवं सुझावों को प्राथमिकता दी जाए।
सुझाव भी लिए गए, आश्वासन भी दिया गया
बैठक में आए विस्थापित परिवारों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इनमें से प्रमुख मुद्दे थे –
- मुआवजा राशि समय पर न मिलना।
- विस्थापन स्थल पर पेयजल और सड़क की समस्या।
- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव।
प्रशासन ने इन मुद्दों पर सकारात्मक रवैया अपनाते हुए आश्वासन दिया कि हर समस्या का निराकरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
विभागवार समीक्षा भी हुई
बैठक के दौरान केवल विस्थापित परिवारों की ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों से जुड़े भू-अर्जन प्रकरणों की भी विभागवार समीक्षा की गई।
- लंबित फाइलों की स्थिति पर चर्चा हुई।
- अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- कलेक्टर के निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि जिला प्रशासन विस्थापितों के जीवन स्तर सुधारने और उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए गंभीर है।
कलेक्टर का मानना है कि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, और इसके लिए विस्थापित परिवारों को हर सुविधा मिलना उनका अधिकार है।
निष्कर्ष
देवरी में आयोजित यह बैठक न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सरकार विस्थापितों को अकेला नहीं छोड़ेगी।
रानी दुर्गावती अभ्यारण्य से जुड़े विस्थापितों के लिए यह बैठक उम्मीद की किरण साबित हुई है।