रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सियार का हमला, दो बच्चों सहित पांच घायल !

Spread the love

दमोह जिले के अंतर्गत आने वाले रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक बार फिर वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटना सामने आई है। रविवार शाम धनेटा गांव में एक सियार ने घर के आंगन में घुसकर अचानक हमला कर दिया, जिसमें दो बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

अचानक हुआ हमला, गांव में मची अफरा-तफरी

घटना रविवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। गांव के लोगों के अनुसार, सियार अचानक जंगल से निकलकर बस्ती में घुस आया और सीधे एक घर के आंगन में पहुंच गया। उस समय घर के सदस्य अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में एक जंगली जानवर हमला कर देगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सियार ने सबसे पहले आंगन में मौजूद बच्चों पर हमला किया। जब घर के अन्य लोग बच्चों को बचाने के लिए आगे आए, तो सियार ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

घायलों में बच्चे और बुजुर्ग शामिल

इस हमले में कुल पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। घायलों की पहचान सुनील (28), आवेद (30), गनेश (13), जवाहर सिंह मरावी (69) और धनराज (9) के रूप में हुई है। सभी को हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

घायल धनराज, जो अपने मामा के घर आया हुआ था, ने बताया कि वह आंगन में खेल रहा था, तभी अचानक सियार ने उस पर हमला कर दिया। जब अन्य लोग उसे बचाने पहुंचे, तो सियार ने उन पर भी हमला कर दिया। सभी ने मिलकर किसी तरह अपना बचाव किया।

अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने घायलों को तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन कुछ को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही सियार वापस जंगल की ओर भाग चुका था।

झलौन रेंज के रेंजर सतीश मसीह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि घायलों के आवेदन मिलने के बाद उन्हें शासन के नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र के सोमखेड़ा गांव में सियार के हमले की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

गर्मी में बढ़ते हैं ऐसे हमले

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में पानी और भोजन की कमी हो जाती है, जिसके कारण जंगली जानवर गांवों की ओर रुख करते हैं। सियार जैसे जानवर अक्सर आसान शिकार की तलाश में मानव बस्तियों में घुस आते हैं।

ग्रामीणों में डर का माहौल

इस घटना के बाद धनेटा गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। लोग अब शाम होते ही अपने घरों के दरवाजे बंद करने लगे हैं और बच्चों को बाहर अकेले नहीं जाने दिया जा रहा है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और ऐसे जंगली जानवरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए।

प्रशासन से सुरक्षा की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से ठोस कदम उठाने और गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

धनेटा गांव की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि जंगल और मानव बस्तियों के बीच की दूरी कम होती जा रही है। ऐसे में वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाएं बढ़ना स्वाभाविक है। जरूरत है कि प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय लोग मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *