देश आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर में उन्हें याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को हर साल 30 जनवरी को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1948 में नई दिल्ली में नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पीएम मोदी बोले— स्वदेशी ही आत्मनिर्भर भारत की नींव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा—

“राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने गांधीजी के विचारों को आज के भारत के विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
राहुल गांधी: सत्ता से बड़ी सत्य की शक्ति
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी X पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा—
“महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं। वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की।”

राहुल गांधी ने आगे लिखा—
“राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है। हिंसा और भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं।”
उन्होंने बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

जयराम रमेश का BJP सांसद पर तीखा हमला
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर BJP पर तंज कसा। उन्होंने X पर पोस्ट कर बिना नाम लिए पूर्व जज और BJP सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय की गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना की।
जयराम रमेश ने लिखा कि गांधीजी की हत्या से दो दिन पहले जवाहरलाल नेहरू ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा था। इसके बाद 18 जुलाई 1948 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा, जिनमें राष्ट्रवाद के स्वयंभू ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

उन्होंने आगे कहा—
“यह सोचकर हैरानी होती है कि उसी विचारधारा से जुड़े एक लोकसभा सांसद, जिन्हें प्रधानमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त है, यह कहते हैं कि वह गांधी और गोडसे में से किसी एक को नहीं चुन सकते। यह मानसिकता बहुत कुछ स्पष्ट कर देती है।”
जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट में ‘सरदार पटेल कॉरस्पोंडेंस (1945–1950)’ पुस्तक के पन्नों और 30 जनवरी 1948 की रात जवाहरलाल नेहरू के ऑल इंडिया रेडियो पर दिए भाषण का लिंक भी साझा किया।
अहिंसा और सत्य का प्रतीक है गांधी
महात्मा गांधी को सत्य, अहिंसा और नैतिक साहस का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने देश को न केवल आजादी दिलाई, बल्कि सामाजिक समानता, स्वदेशी और मानवता का मार्ग भी दिखाया।
आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प दोहरा रहा है।