राष्ट्रीय खेल दिवस पर देवरी में खेल गतिविधियों का आयोजन

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सागर, 31 अगस्त 2025।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की 120वीं जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विकासखंड देवरी में खेल विभाग द्वारा विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह आयोजन म.प्र. शासन खेल और युवा कल्याण विभाग भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के मार्गदर्शन एवं जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी सागर के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों—तहसीलदार देवरी, विकासखंड खंड शिक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार—ने मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद खिलाड़ियों को “एक घंटा खेल के मैदान में देने” की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर तहसीलदार देवरी ने अपने संबोधन में मेजर ध्यानचंद के खेल जगत में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका जीवन समर्पण और अनुशासन की प्रेरणा देता है। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने खिलाड़ियों को खेल के प्रति जागरूक रहने और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया।

कबड्डी प्रतियोगिता का रोमांच

कार्यक्रम के अंतर्गत इनडोर स्टेडियम देवरी में अंतर विकासखंड स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें रहली, देवरी, गौरझामर और केसली की टीमें शामिल हुईं। प्रतियोगिता में शानदार मुकाबलों के बाद रहली टीम विजेता, देवरी उपविजेता, केसली तीसरे स्थान और गौरझामर चौथे स्थान पर रही।

विशेष पहल के तहत “खेलो बढ़ो अभियान” अंतर्गत शासकीय माध्यमिक कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को प्रतियोगिता देखने एवं खेल अधोसंरचना का भ्रमण कराने हेतु आमंत्रित किया गया।

पुरस्कार वितरण और सम्मान

कार्यक्रम के समापन अवसर पर नगर पालिका परिषद देवरी के उपाध्यक्ष श्री नईम खान एवं पार्षद श्री रिछारिया ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

इस दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग देवरी के विकासखंड समन्वयक श्री वसीम राजा खान, केसली से समन्वयक श्री मनोज कुमार गौंड, रेफरी श्री जयकुमार पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उच्च श्रेणी शिक्षक श्री जसवंत रजक ने किया।

अंत में अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया गया।

खेल भावना को मिला प्रोत्साहन

राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि इससे ग्रामीण अंचलों में खेल संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिला। आयोजन ने यह संदेश दिया कि खेल केवल शारीरिक सुदृढ़ता ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाते हैं।

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