भोपाल, मंगलवार। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक फोन पर मोदी सरकार ने “सरेंडर” कर दिया, जबकि 1971 में कांग्रेस सरकार ने अमेरिकी दबाव के बावजूद पाकिस्तान को धूल चटाई थी।

राहुल ने कहा, “इतिहास गवाह है कि भाजपा-आरएसएस हमेशा झुकती है। कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां सुपरपावर से लड़ते हैं, कभी नहीं झुकते।” उन्होंने इंदिरा गांधी के नेतृत्व में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की जीत का उदाहरण देकर कांग्रेस की सशक्त विदेश नीति को रेखांकित किया।

जूते न उतारने पर विवाद
इससे पहले, राहुल ने कांग्रेस कार्यालय में इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, लेकिन जूते पहने रहने पर भाजपा ने हमला बोला। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उन्हें सम्मान दिखाना चाहिए था।”

संगठन सृजन अभियान की शुरुआत
राहुल ने 10 से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत 6 घंटे में 4 बैठकें कीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “हमें रेस का घोड़ा बनना है, जो आगे बढ़ता है, न कि बारात या लंगड़ा घोड़ा।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जवाब देते हुए कहा, “गधों की महफिल में घोड़ों की चर्चा क्यों? जनता जानती है कि असली रेस का घोड़ा कौन है।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा ने राहुल के बयानों को “निराधार” बताया, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि राहुल ने “सच्चाई उजागर की है।” विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा कांग्रेस के प्रदेश में पुनर्जीवन की रणनीति का हिस्सा है।

राहुल गांधी ने भोपाल में अपने भाषण और संगठनिक प्रयासों से कांग्रेस को सशक्त बनाने का संकेत दिया, लेकिन जूते विवाद और भाजपा के तीखे प्रतिकार ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया।