सागर। शासकीय प्राथमिक शाला रिछा में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शाला प्रभारी शिक्षक विजय सिंह गौड़ ने स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी और यह दिन हर वर्ष प्रदेश की गौरवशाली पहचान, संस्कृति और समृद्ध विरासत को स्मरण करने का अवसर होता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मध्य प्रदेश के इतिहास और भूगोल से अवगत कराया गया। शिक्षक ने बताया कि नर्मदा नदी को प्रदेश की जीवन रेखा माना जाता है, पन्ना जिला हीरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, बालाघाट तांबे के भंडार के लिए जाना जाता है, उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर आध्यात्मिक केंद्र है और पचमढ़ी को मध्य प्रदेश का ‘क्वीन ऑफ सैटपुड़ा’ कहा जाता है। इसके साथ ही प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोकगीत-नृत्य, विरासत स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में भी बच्चों को जानकारी दी गई।

अभिभावकों ने शिक्षक द्वारा बच्चों को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में अपने राज्य और देश के प्रति सम्मान और गर्व की भावना विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय एकता दिवस भी मनाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी जानकारी प्रदान की।
विद्यालय परिवार ने स्थापना दिवस और एकता दिवस को शिक्षा, जागरूकता और सांस्कृतिक गर्व के साथ मनाया।