रीवा की साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग कांड पर विस्तृत रिपोर्ट

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रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र में एक युवती से साइबर अपराध, झूठे प्रेम और ब्लैकमेलिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपी युवक अर्जुन कुमार ने खुद को साइबर सेल का हेड बताकर युवती से सोशल मीडिया पर दोस्ती की। पुलिसिया ठसक और सरकारी अधिकारी का रौब दिखाकर उसने युवती का विश्वास जीता और शादी का झांसा देकर लगभग छह महीने तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। यही नहीं, वह लगातार युवती को निजी फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल भी करता रहा।

देहरादून से रीवा तक पहुंचा जालसाज

मामले की शिकायत जब पीड़िता ने रीवा पुलिस से की तो अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई। एसडीओपी उमेश प्रजापति ने बताया कि आरोपी ने युवती के मोबाइल से उसके प्राइवेट फोटो और वीडियो निकाल लिए थे और इन्हीं को हथियार बनाकर उसे धमकाता रहा। पुलिस की योजना के तहत पीड़िता को आरोपी से नर्मी से बात करने की सलाह दी गई, ताकि उसे शक न हो। इसी दौरान युवती ने आरोपी को रीवा आने के लिए तैयार कर लिया। गुरुवार की शाम को आरोपी लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर देहरादून से रीवा पहुंचा और जैसे ही वह शहर में दाखिल हुआ, पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

बरामद हुआ फर्जी आईडी और हथियार

पकड़े गए आरोपी के पास से कई चौंकाने वाले सबूत मिले। पुलिस ने उसके पास से साइबर सेल चीफ उत्तराखंड का फर्जी पहचान पत्र, निजी दस्तावेज, आधार कार्ड, प्लास्टिक की पिस्टल और एक चाकू बरामद किया। इसके अलावा उसकी बाइक और मोबाइल भी जब्त किए गए। इनसे उसके अन्य फर्जीवाड़े की भी जांच की जा रही है।

फेक अकाउंट से करता था ब्लैकमेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि अर्जुन कुमार ने सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट बनाए थे। इन्हीं के माध्यम से वह युवती को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। कभी पुलिसकर्मी बनकर दबाव बनाता, तो कभी सोशल मीडिया पर निजी तस्वीरें अपलोड करने की धमकी देता। धीरे-धीरे वह युवती को भावनात्मक रूप से फंसाता चला गया और शादी का झांसा देकर उसे झुकने पर मजबूर करता रहा।

आरोपी की पृष्ठभूमि और ठगी का तरीका

जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून का रहने वाला है। उसने खुद को वहीं पदस्थ पुलिस अधिकारी बताकर युवती को धोखा दिया। उसके पास से मिला फर्जी आईडी कार्ड यह साबित करता है कि वह लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त था। पुलिस को शक है कि उसकी ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार केवल रीवा की यह युवती ही नहीं, बल्कि और भी लोग हो सकते हैं।

पुलिस की बड़ी कामयाबी

इस मामले में रीवा पुलिस ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए आरोपी को बिना किसी संदेह के रीवा तक बुलाया और गिरफ्तार किया। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अजनबी से दोस्ती करना कितना खतरनाक हो सकता है। फर्जी पहचान और झूठे वादों के जरिए अपराधी भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाते हैं और उनका जीवन बर्बाद कर देते हैं। रीवा का यह मामला उन सभी के लिए सबक है जो वर्चुअल दुनिया में रिश्तों पर बिना जांचे-परखे भरोसा कर लेते हैं

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