सागर। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी सागर के रुद्राक्षधाम में आस्था का एक और भव्य अध्याय जुड़ गया है। राधा-कृष्ण मंदिर के बाद अब यहां श्याम वर्ण दक्षिणमुखी बजरंग बली विराजमान हो गए हैं। शनिवार 1 फरवरी को विधि-विधान के साथ 6 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिसके बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया।
यह भव्य मंदिर 54 फीट ऊंचा है, जिसका निर्माण राजस्थान के मकराना पत्थरों से किया गया है, जबकि बजरंग बली की प्रतिमा तमिलनाडु की काली शिला से निर्मित की गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, यह मध्यप्रदेश की इकलौती श्याम वर्ण दक्षिणमुखी हनुमान प्रतिमा है, जो इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करती है।
संत रावतपुरा सरकार के सानिध्य में हुई प्राण-प्रतिष्ठा
हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संत रावतपुरा सरकार के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा, विद्वान पंडित और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा रुद्राक्षधाम परिसर जय श्रीराम और जय बजरंग बली के उद्घोष से गूंज उठा।
श्रीराम कथा में उमड़ रहा जनसैलाब

रुद्राक्षधाम में इन दिनों सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन भी चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का रसपान पं. प्रेमभूषण महाराज के मुखारबिंद से कराया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर श्रीराम चरित्र का श्रवण कर रहे हैं।
दिग्गज नेताओं की सहभागिता
कथा आयोजन में गुरुवार को मंत्री प्रहलाद पटेल के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि 6 फरवरी को कथा के समापन अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन के मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह हैं, जिनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को भव्य रूप दिया गया है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
श्याम वर्ण बजरंग बली के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता है कि दक्षिणमुखी हनुमान की आराधना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को साहस, शक्ति और संकटों से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज से श्रद्धालु रुद्राक्षधाम पहुंच रहे हैं।
रुद्राक्षधाम अब न केवल सागर बल्कि पूरे प्रदेश में आस्था, संस्कृति और धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।