सागर।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित डिजिटल लाइब्रेरी और भौतिक पुस्तकालय की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों ने कई समस्याओं और मांगों को लेकर अपर आयुक्त अंजू ठाकुर को 9 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा है।

🔹 छात्रों की मुख्य मांगें
- लाइब्रेरी समय – छात्रों ने मांग की है कि डिजिटल व भौतिक पुस्तकालय का समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किया जाए। वर्तमान में लाइब्रेरी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे और फिर शाम 2 बजे से 6 बजे तक ही खुलती है, जिससे लंबे समय तक पढ़ाई करने वालों को दिक्कत होती है।
- एयर कंडीशनर (AC) की सुविधा – छात्रों ने बताया कि लाइब्रेरी में एसी लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें चालू नहीं किया जाता। गर्मी के मौसम में पसीने और घुटन के कारण पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।
- इंटरनेट स्पीड और तकनीकी समस्या – छात्रों ने शिकायत की कि इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी है और कई बार सर्वर ही बंद हो जाता है। ऑनलाइन पढ़ाई और ई-बुक्स एक्सेस करने में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
- सफाई और रखरखाव – छात्रों ने नियमित सफाई की मांग करते हुए कहा कि कई बार गंदगी और धूल-मिट्टी के कारण पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है।
- कर्मचारियों का दुर्व्यवहार – छात्रों ने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी के कुछ कर्मचारी दुर्व्यवहार करते हैं और मनमानी करते हैं।
- शनिवार को भी लाइब्रेरी खोली जाए – छात्रों का कहना है कि सप्ताह में केवल छह दिन लाइब्रेरी खुलने से उनकी पढ़ाई बाधित होती है, इसलिए शनिवार को भी पुस्तकालय खोला जाए।
- लाइब्रेरी संचालक पर पक्षपात का आरोप – छात्रों ने आरोप लगाया कि संचालक सतीश चौरसिया केवल अच्छे परिवारों से आए छात्रों को ही प्राथमिकता देकर प्रवेश देते हैं, जबकि गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को नज़रअंदाज़ किया जाता है।
- चोरी की घटनाएँ – छात्रों ने शिकायत की कि कई बार किताबें और अन्य सामग्री चोरी हो चुकी है, जिसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
🔹 प्रशासन की प्रतिक्रिया
अपर आयुक्त अंजू ठाकुर ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा:
- उन्हें 9 बिंदुओं पर ज्ञापन मिला है।
- स्मार्ट सिटी के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
- अधूरे कार्यों को पूरा करवाया जाएगा।
- लाइब्रेरी में चोरी की घटनाओं की जांच करवाई जाएगी।

🔹 छात्रों का कहना
छात्रों का कहना है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घंटों पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान समय और सुविधाओं की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यदि जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर होंगे।