खंडवा।
जिले के जंगलों में एक बार फिर अतिक्रमणकारियों की घुसपैठ सामने आई है। पट्टा हासिल करने की मंशा से वन भूमि पर बार-बार कब्जे की कोशिश की जा रही है। खंडवा के भिलाईखेड़ा क्षेत्र में वन विभाग ने समय रहते कार्रवाई कर अतिक्रमण की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर बनी झोपड़ी में आग लगने से विवाद की स्थिति बन गई।
वन अमले के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमणकारियों को खदेड़ते हुए कब्जे की तैयारी को ध्वस्त किया गया। करीब 15 बुलडोजर की मदद से गड्ढे खुदवाकर वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश को विफल किया गया। इस दौरान झोपड़ियों में आग लगने को लेकर अतिक्रमणकारियों ने वन अमले पर आरोप लगाए कि उनकी फसल और झोपड़ियों को आग के हवाले किया गया।

हालांकि, वन विभाग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। डीएफओ राकेश कुमार डामोर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बोरखेड़ा निवासी शंकर पिता मुकुंद ने स्वयं झोपड़ी में आग लगाई थी। विभाग द्वारा आग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और मामले में पिपलौद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

डीएफओ ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में लगभग 80 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था। लगातार हो रही घुसपैठ को देखते हुए फिलहाल पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घने और हरे-भरे जंगलों को काटकर अतिक्रमणकारी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे भी ऐसी कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।