वह मध्यप्रदेश में मानसून की मौजूदा स्थिति और आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी से जुड़ी है।

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🌧️ मध्यप्रदेश में मानसून की स्थिति

  • औसतन बारिश (33.6 इंच) : इस सीजन (16 जून से अब तक) प्रदेश में 33.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह कोटे का 91% है।
  • सामान्य तौर पर इस समय तक 27.4 इंच पानी गिरना चाहिए था, यानी 6.2 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है।
  • प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37 इंच है। इसका मतलब अब तक 81% बारिश हो चुकी है।

🚨 अलर्ट की स्थिति

  • शनिवार (आज):
    • नीमच और मंदसौर → अति भारी बारिश का अलर्ट।
    • शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर → भारी बारिश की चेतावनी।
  • बारिश का कारण:
    • प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है।
    • उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है।

🏞️ डैम और नदियों की स्थिति

  • तवा डैम (नर्मदापुरम)
    • पिछले 4 दिन से लगातार गेट खुले हैं।
    • शनिवार सुबह 3 गेट 5 फीट तक खोलकर 25,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
    • डैम का जलस्तर – 1163.70 फीट
  • श्योपुर
    • सीप नदी उफान पर।
    • निचली बस्तियों में पानी घुसा।
    • बोदल पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद
    • कराहल क्षेत्र में दो युवक नाले में बहे (एक को ग्रामीणों ने बचाय

📊 सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश वाले जिले

  • सबसे ज्यादा
    • गुना → 50 इंच
    • मंडला → 49.1 इंच
    • अशोकनगर → 48.4 इंच
    • टीकमगढ़ → 47 इंच
    • निवाड़ी → 46.6 इंच
  • कम बारिश वाले इलाके
    • इंदौर और उज्जैन संभाग → यहां के 15 जिलों में से 9 में अब तक कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई।

🌍 संभागवार स्थिति

  • ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र :
    • जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल (पूर्वी हिस्सा)
    • ग्वालियर-चंबल → 8 में से 7 जिले कोटे से ज्यादा बारिश पा चुके हैं।
    • छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया → बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी।
  • कम बारिश वाले क्षेत्र :
    • इंदौर और उज्जैन संभाग।

⏳ ऐतिहासिक रिकॉर्ड

  • भोपाल
    • अगस्त 2006 → 35 इंच (रिकॉर्ड)
    • 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच (14 अगस्त 2006)
    • औसतन अगस्त में 14 दिन बारिश होती है।
  • इंदौर
    • अगस्त 1944 → 28 इंच (रिकॉर्ड)
    • 24 घंटे में सर्वाधिक 10.5 इंच (22 अगस्त 2020)
    • औसतन अगस्त में 10–11 इंच बारिश।
  • ग्वालियर
    • अगस्त 1916 → 28 इंच (रिकॉर्ड)
    • 24 घंटे में 8.5 इंच (10 अगस्त 1927)
    • औसतन अगस्त में 9.5 इंच बारिश।
  • जबलपुर
    • अगस्त 1923 → 44 इंच (रिकॉर्ड)
    • 24 घंटे में 13 इंच (20 अगस्त 1923)
    • औसतन अगस्त में 18 इंच बारिश।
  • उज्जैन
    • अगस्त 2006 → 35 इंच (रिकॉर्ड)
    • 24 घंटे में 12 इंच (10 अगस्त 2006)
    • औसतन अगस्त में 10 इंच बारिश।

📝 सारांश

  • मध्यप्रदेश में इस साल मानसून सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
  • गुना, मंडला, अशोकनगर, टीकमगढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश हो चुकी है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग में अपेक्षा से कम।
  • नर्मदापुरम का तवा डैम और श्योपुर की सीप नदी चिंता का कारण बने हुए हैं।
  • ऐतिहासिक रूप से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में अगस्त महीने में रिकॉर्ड बारिश हुई है, और इस बार भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

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