सागर, 4 जून 2025: विकसित कृषि संकल्प अभियान के छठे दिन विकासखंड राहतगढ़ के ग्राम पंचायत नरयावली एवं काँचरी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान तरल उर्वरकों एवं ड्रोन तकनीक से छिड़काव, बीज उपचार, मिट्टी परीक्षण, जलवायु अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्रशिक्षित किया।

प्रमुख जानकारियाँ एवं प्रदर्शन:
- ड्रोन तकनीक का प्रयोग: किसानों को कीटनाशकों एवं उर्वरकों के छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।
- बीज उपचार एवं मिट्टी स्वास्थ्य: वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज संरक्षण तकनीक और मिट्टी नमूना संग्रहण की विधियाँ समझाईं।
- कम लागत में अधिक उत्पादन: समन्वित फसल प्रबंधन (ICM) और जैविक खाद के विकल्पों पर विशेष जोर दिया गया।
- जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती: किसानों को अनिश्चित मौसम में फसल सुरक्षा के उपाय बताए गए।
उपसंचालक कृषि का आह्वान:
कार्यक्रम में मौजूद उपसंचालक कृषि ने किसानों से कहा, “पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नवीन तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करें और उत्पादकता बढ़ाएँ। विकल्पीय उर्वरकों का प्रयोग कर मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें।”

किसानों की प्रतिक्रिया:
- रामकिशन पटेल (किसान, नरयावली): “ड्रोन से छिड़काव की तकनीक ने हमारा काम आसान कर दिया है। अब कम समय में बड़े खेतों का प्रबंधन हो सकेगा।”
- मीना बाई (महिला किसान): “मिट्टी की जाँच कर उचित उर्वरकों का उपयोग करने से लागत कम होगी और फसल अच्छी होगी।”
आगे की योजना:
- जिले के अन्य विकासखंडों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- किसान हेल्पलाइन के माध्यम से तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अभियान ने किसानों को वैज्ञानिक खेती के गुर सिखाकर लाभकारी कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सरकार के इस प्रयास से किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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