
सागर, 12 जून 2025
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक और संरचनात्मक रूप से भारत को विकसित बनाना नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ भारत का निर्माण भी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार “स्वस्थ यकृत मिशन” के माध्यम से पूरे प्रदेश में यकृत (लिवर) की देखभाल और जागरूकता के लिए एक विशेष अभियान चला रही है।
ग्लोबल फैटी लिवर दिवस पर वर्चुअल संवाद
ग्लोबल फैटी लिवर दिवस के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं, और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ (NAFLD) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देना था।

यकृत: मौन लेकिन महत्त्वपूर्ण अंग
श्री शुक्ल ने अपने संबोधन में यकृत को शरीर का सबसे मौन लेकिन अत्यंत कार्यशील अंग बताया। उन्होंने कहा कि यकृत शरीर में ऊर्जा निर्माण, विषहरण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन जैसी महत्त्वपूर्ण प्रक्रियाओं में मुख्य भूमिका निभाता है। लेकिन जब यह प्रभावित होता है, तब तक इसके लक्षण प्रकट नहीं होते और शरीर को गंभीर नुकसान हो चुका होता है। इसीलिए समय रहते यकृत की देखभाल अति आवश्यक है।
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिज़ीज़: एक साइलेंट महामारी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि NAFLD एक तेजी से फैलती सायलेंट महामारी बन चुकी है, जो शराब सेवन के बिना भी यकृत में वसा जमा होने के कारण होती है। इसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली में फैला मोटापा, मधुमेह, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव है। चूंकि यह बीमारी आरंभिक चरणों में लक्षण नहीं देती, इसलिए इसके निदान में अक्सर देर हो जाती है।
“स्वस्थ यकृत मिशन” की ऐतिहासिक पहल
श्री शुक्ल ने बताया कि 21 मई 2025 को राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मिशन का शुभारंभ किया था। इसके तहत 12 जून 2025 तक लगभग 8.5 लाख नागरिकों की जाँच की जा चुकी है, जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। जाँच के दौरान प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
- 17% नागरिकों का बीएमआई (BMI) 23 से अधिक पाया गया।
- 24% महिलाओं की कमर की माप 80 सेमी से ज्यादा और
- 19% पुरुषों की कमर 90 सेमी से अधिक मापी गई।
ये आंकड़े न केवल चेतावनी हैं, बल्कि इस बात का संकेत भी हैं कि यदि अब भी जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ और गम्भीर हो सकती हैं।
राज्यव्यापी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान
मिशन के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों एवं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर फैटी लिवर की स्क्रीनिंग की जा रही है। 30 से 65 वर्ष के आयु वर्ग के नागरिकों की पहचान कर संदिग्ध मरीजों को रेफर और उनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है।
जमीनी स्तर पर जागरूकता की रीढ़: आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य दल
श्री शुक्ल ने बताया कि इस अभियान की सफलता का श्रेय आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सीएचओ, मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य प्रबंधक और पंचायत प्रतिनिधियों को जाता है, जो जन-जन तक जाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं।
प्रदेश भर में वॉकथॉन, रैलियाँ, नुक्कड़ नाटक, स्कूल जागरूकता अभियान, ग्राम सभाओं और मीडिया प्रचार के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुँचाया जा रहा है।
जनभागीदारी से ही संभव होगा स्वस्थ यकृत मिशन
उपमुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे अपना और अपने परिवार का बीएमआई और कमर माप जरूर कराएं। संतुलित आहार लें, जंक फूड से बचें, और प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि जरूर करें। मधुमेह और मोटापे पर नियंत्रण रखें और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।
राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग
श्री शुक्ल ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मिशन को और सशक्त बनाएगी। इसके तहत आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर उपचार सुविधाएं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई जाएंगी। स्क्रीनिंग से लेकर उपचार तक हर स्तर पर सरकार नागरिकों के साथ खड़ी है।
एक नई शुरुआत: यकृत क्रांति का आह्वान
अपने समापन वक्तव्य में श्री शुक्ल ने कहा कि फैटी लिवर दिवस केवल एक दिवस नहीं है, बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने सभी से “यकृत क्रांति” का हिस्सा बनने और मध्यप्रदेश को फैटी लिवर मुक्त राज्य बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, श्री गौरव सिरोठिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।