भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के वित्तीय आवंटन, खर्च और उपलब्धियों सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ 15 जनवरी तक देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार किए जाने वाले इस बजट में नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, रोजगार सृजन, शहरी और ग्रामीण विकास तथा सरकार की योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डाला जाएगा।

विभागों से मांगी गई जानकारी
वित्त विभाग ने विभागों से निम्न बिंदुओं पर तथ्यात्मक जानकारी देने को कहा है:
- बजट और खर्च:
- वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में चालू वर्ष 2025-26 में अब तक कुल बजट में कितनी राशि खर्च हुई।
- विभाग की योजनाओं के लक्ष्य व उपलब्धियों की स्थिति।
- हितग्राही-आधारित योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या और खर्च की गई राशि।
- केन्द्रीय योजनाओं की प्रगति:
- मध्यप्रदेश में केन्द्र प्रवर्तित योजना एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजनाओं की स्थिति।
- नई योजनाएँ:
- आगामी वर्ष में विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली नई योजनाओं का तथ्यात्मक विवरण।
- पर्यावरण, जल, भूमि एवं ऊर्जा:
- पर्यावरण, वन, भूमि और जल स्रोतों के संरक्षण व बेहतर प्रबंधन की गई कार्रवाई।
- नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति।
- जन-स्वास्थ्य और उद्योग:
- जन-स्वास्थ्य, कुटीर और ग्रामोद्योगों के विकास व संरक्षण की कार्यवाही।
- औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन, ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों का संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा।
- गोवंश और अतिक्रमण:
- गौ-वंश संरक्षण और संवर्धन के लिए उठाए गए कदम।
- गौ-चर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और शासकीय भूमि पर हुई कार्रवाई का विवरण।
- शहरी विकास:
- शहरों को झुग्गीमुक्त बनाने के लिए किए गए प्रयास।
- सुगम ग्रामीण परिवहन, ई-परिवहन, नागरिक सुविधाओं में विज्ञान एवं तकनीक के उपयोग की जानकारी।
- कर्मचारी कल्याण और रोजगार:
- शासकीय कर्मचारियों के कल्याण के लिए की गई कार्यवाही।
- रोजगार सृजन: पूर्व वित्तीय वर्षों और वर्तमान वर्ष में कितने युवाओं को रोजगार मिला।
- शासकीय नियुक्तियों का पदवार, श्रेणीवार और वेतनमान सहित विवरण।
- सामाजिक कल्याण:
- श्रमिक और प्रवासी श्रमिक, थर्ड जेंडर, निराश्रित, अनुसूचित जाति/जनजाति, विशेष पिछड़ी जनजाति, विमुक्त, घुमंतू और अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए की गई कार्यवाही।
- विकसित भारत @2047:
- इस दिशा में किए जा रहे प्रयास और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर विभागीय अभिमत।

विभागवार चर्चा का नया समय
वित्त विभाग ने विभागों के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा का कार्यक्रम 19 जनवरी से 29 जनवरी तक निर्धारित किया है। पहले यह बैठकें 12 से 22 जनवरी तक प्रस्तावित थीं। इन बैठकों में अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी अपने अंतिम अभिमत प्रस्तुत करेंगे।