सागर।
खुरई रोड सागर स्थित विद्योदय तीर्थ इन दिनों भव्य धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। मुनि श्री विमलसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चल रहे 720 मण्डलीय समवशरण विधान में हजारों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया है।
शुक्रवार को विधान महोत्सव में पहुंचे विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने मुनि संघ को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया और धर्मसभा को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा –
- “जिस प्रकार भाग्योदय तीर्थ सागर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है, उसी प्रकार आने वाले समय में विद्योदय तीर्थ भी भारत के मानचित्र पर अंकित होकर सागर की गौरवगाथा को नई दिशा देगा।”
- विधायक ने स्पष्ट किया कि इस तरह के सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और अखंडता का संदेश भी देते हैं।
- उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लेकर जीवन को सही मार्ग पर चलाने की प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए।

आस्था का अनूठा आयोजन : 720 मण्डलीय समवशरण विधान
यह विधान जैन समाज के प्रमुख आयोजनों में से एक है। समवशरण विधान में धर्मसभा, प्रवचन, पूजा-अर्चना, सामूहिक भक्ति और समाजिक सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
- हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इसमें सम्मिलित होकर आस्था का भाव प्रकट कर रहे हैं।
- तीर्थ परिसर में आध्यात्मिक वातावरण, शांति और सामूहिक उत्साह ने इसे एक धार्मिक महाकुंभ का रूप दे दिया है।
समिति और समाजजनों की भूमिका
इस अवसर पर विधान समिति के अध्यक्ष संतोष बिलहरा, चातुर्मास समिति अध्यक्ष प्रकाश जैन, कैट जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मालथौन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
- समाज के भामाशाहों और प्रतिष्ठितजनों ने विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
- महेश बिलहरा, मुकेश ढाना, वीरेन्द्र मालथौन, देवेन्द्र जैना, आनंद स्टील, राजेश रोड लाइंस, दिनेश बिलहरा, अनूप ताले वाले, शैलेन्द्र जैन शालू, अनिल नैनधरा, प्रदीप पड़ा, सट्टू कर्रापुर आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से कार्यक्रम और भी भव्य हो गया।

प्रशासनिक सहयोग की सराहना
आयोजन समिति ने पुलिस और प्रशासन को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
- आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा।
- श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर मिला।
सागर की धार्मिक धरोहर में जुड़ा नया अध्याय
सागर पहले से ही भाग्योदय तीर्थ जैसे राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात धार्मिक स्थल के लिए जाना जाता है। अब विद्योदय तीर्थ भी धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है।

- यहां आयोजित भव्य समवशरण विधान ने समाज में धार्मिक चेतना का संचार किया है।
- विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन के शब्दों ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि आने वाले समय में विद्योदय तीर्थ न केवल सागर बल्कि पूरे देश का गौरव बनेगा।