मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के साथ-साथ एक और मानवीय पहल करते हुए “मुख्यमंत्री विधवा विवाह योजना” को विस्तारित रूप में “मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना” के रूप में शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को पुनः सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता देना है, जिन्होंने अपने जीवनसाथी को खो दिया है और पुनर्विवाह की राह पर आगे बढ़ना चाहती हैं।

इस योजना के अंतर्गत विधवा महिलाओं (कल्याणियों) को उनके पुनर्विवाह के लिए ₹2,00,000 (दो लाख रुपए) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे एक नए जीवन की शुरुआत गरिमा और आत्मविश्वास से कर सकें।
पात्रता की स्पष्ट शर्तें
- योजना का लाभ केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलेगा।
- कल्याणी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं उसके होने वाले पति की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है।
- कल्याणी को पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, साथ ही यह भी शपथ-पत्र देना होगा कि मृत्यु प्रमाण पत्र में दर्ज मृतक ही उसका पूर्व पति था।
- कल्याणी को परिवार पेंशन प्राप्त नहीं होनी चाहिए।
- वह आयकरदाता न हो, न ही शासकीय सेवा में कार्यरत हो।
- जिस व्यक्ति से विवाह होना है उसकी पत्नी जीवित न होनी चाहिए।
योजना की महत्वपूर्ण शर्तें और दिशानिर्देश
- कल्याणी विवाह सहायता एक जीवनकाल में केवल एक बार दी जाएगी।
- यदि विवाह के 7 वर्षों के भीतर तलाक होता है तो सहायता राशि वसूल की जाएगी।
- योजना का लाभ प्राप्त करने के बाद कल्याणी अन्य विवाह योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकती।
- योजना में सामूहिक विवाह की बाध्यता नहीं है, लेकिन यदि सामूहिक विवाह में विवाह होता है, तो केवल इस योजना का लाभ देय होगा।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन उसी जिले के कलेक्टर कार्यालय में करना होगा जहां विवाह प्रमाण पत्र जारी किया गया हो। संबंधित संयुक्त/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण के कार्यालय में दस्तावेज सहित आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा।
जरूरी दस्तावेज
- कल्याणी एवं उसके होने वाले पति का मूल निवास प्रमाण पत्र
- समग्र आईडी
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की छायाप्रति
- पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- नवविवाह का विवाह प्रमाण पत्र
इस योजना के तहत सहायता की स्वीकृति जिला कलेक्टर द्वारा दी जाएगी। यह योजना मध्यप्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है, जो न केवल उन्हें पुनः सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देती है, बल्कि समाज में पुनर्विवाह जैसी सकारात्मक सोच को भी मजबूती प्रदान करती है।
विद्यालयों का निरीक्षण: अनुपस्थित शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई
सागर, 07 अगस्त 2025
शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर निगरानी के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने जिले के सभी विद्यालयों के निरीक्षण के निर्देश जारी किए थे। उक्त निर्देशों के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन द्वारा शाहगढ़ ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कुल 21 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिन पर एक वेतनवृद्धि रोकने और एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 9 अतिथि शिक्षक भी अनुपस्थित पाए गए हैं जिन पर संबंधित कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षक इस प्रकार हैं:
1. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मॉडल शाहगढ़
- काशीराम अहिरवार
2. शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहगढ़
- कमलेश कुमार रावत
- रामदयाल अहिरवार
- अरविंद कुमार जैन (दोहराव प्रतीत होता है)
- प्रति जैन
- ममता वर्मा
- शैलेन्द्र कुमार जैन
- प्रशांत कुमार जैन
- कैलाश अहिरवार
- कमलेश कुमार जैन
- नीलम जैन
- प्रति तिवारी
- रूचि जैन
- मंजूषा जैन
- रूचि गुप्ता
- माखनलाल गुप्ता
- देवेन्द्र सिंह राजपूत
3. शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहगढ़
- राधा सोनी
- पूनम गुप्ता
- अभिलाषा शुक्ला
इन शिक्षकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षा में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यह निरीक्षण भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेगा और जो शिक्षक/शिक्षिकाएं अनुचित अनुपस्थिति में पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कदम से न केवल शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी, बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी, जो कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।