विधानसभा में नरयावली विधायक ने उठाए आईटीआई !

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मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन नारयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने सदन में अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े अनेक संवेदनशील और जरुरी मुद्दे उठाए। उन्होंने विशेष रूप से मकरोनिया में शासकीय आईटीआई स्थापना, जरूवाखेड़ा शासकीय आईटीआई में नवीन ट्रेड की स्वीकृति, स्थानीय नालों व मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने तथा कृषि उपज मंडी की आय-व्यय व सेवा सहकारी समितियों के संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी।

मकरोनिया में शासकीय आईटीआई की आवश्यकता पर जोर

विधायक लारिया ने कहा कि मकरोनिया व आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के अवसरों की तीव्र आवश्यकता है। नगर परिषद एवं स्थानीय युवा वर्ग द्वारा लंबे समय से शासकीय आईटीआई की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि मकरोनिया में शीघ्र शासकीय आईटीआई प्रारम्भ कराया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोज़गार के अवसर आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही लारिया ने जरूवाखेड़ा के शासकीय आईटीआई में नए-नए ट्रेडों की स्वीकृति दिलाकर प्रशिक्षण के दायरे को बढ़ाने की भी प्रबल अपील की, ताकि क्षेत्रीय रोजगार-क्षेत्रों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मी तैयार हो सकें।

नालों व मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने का ध्यानाकर्षण

विधायक ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के ध्यानाकर्षण में बताया कि मकरोनिया में नालों व मुख्य मार्गों पर फैले अतिक्रमण सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि नालों का अवरुद्ध होना सफाई व्यवस्था बाधित कर देता है और वर्षा ऋतु में जल निकासी न होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। नालों व नालियों के किनारे बनी दुकानों से गंदगी व दुर्गंध फैलती है जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ट्रैफिक जाम व पैदल आवागमन में कठिनाई जैसी समस्याओं का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की अपात जरूरत है और संबंधित प्रभागों को शीघ्रकृत कार्रवाई के निर्देश दिए जाने चाहिए।

कृषि उपज मंडी: आय-व्यय पर माँगी विस्तृत जानकारी

विधायक लारिया ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री से प्रश्न के माध्यम से पूछा कि वर्ष 2024–25 तथा वर्तमान वर्ष 2025 तक कृषि उपज मंडी सागर को किन-किन स्रोतों से कितनी आय हुई और किस-किस कार्य हेतु कितनी राशि व्यय की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए यह जानकारी आवश्यक है ताकि किसानों को पहुंचने वाली सेवाओं और मंडी के संचालन में सुधार सुनिश्चित किए जा सकें। इस विषय पर विधायक ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो मंडी संचालन की कार्यप्रणाली में सुधार व संस्थागत सुधारों की मांग भी उठाई जाएगी।

सेवा सहकारी समितियों के संचालन पर उठे प्रश्न

विधायक ने सहकारिता मंत्री से सागर व राहतगढ़ विकासखण्ड अन्तर्गत संचालित/पंजीकृत सेवा सहकारी समितियों की संख्या, कौन-सी समितियाँ विभागीय कार्य सफलतापूर्वक कर रही हैं तथा कौन-सी समितियाँ निष्क्रिय या अव्यवस्थित हैं, इस संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ समितियों के डिफॉल्टर/बकायादार होने के कारण किसानों को वित्तीय व कार्यान्वयन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होने पूछा कि शासन-तंत्र क्या विशेष पहल या अभियान चला रहा है ताकि इन डिफॉल्टर/बकायादार समितियों को मुख्य धारा में लाया जा सके और किसानों को होने वाले व्यवधानों को दूर किया जा सके।

लोक-हित व पारदर्शिता की बात—विधायक का निर्देश

सत्र में विधायक ने जोर देकर कहा कि ये मुद्दे केवल प्रदेश के विकास के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय जनता के जीवन-स्तर, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े गंभीर पहलू हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से निवेदन किया कि मकरोनिया व जरूवाखेड़ा में आईटीआई सम्बंधित प्रस्तावों को शीघ्रता से प्राथमिकता दी जाए, नालों व सड़क किनारे के अतिक्रमण हटाने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर जनहित में समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए तथा मंडी व सहकारी समितियों की वित्तीय रिपोर्ट सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

आगे की प्रक्रिया

विधायक के द्वारा किए गए इन प्रश्नों व ध्यानाकर्षणों पर संबंधित मंत्रियों तथा अधिकारियों से अब लिखित व मौखिक उत्तर अपेक्षित हैं। विधानसभा प्रक्रिया के अनुरूप विभागों से प्राप्त उत्तरों एवं प्रस्तावित कार्ययोजनाओं के आधार पर आगे आवश्यक लोक-हित निर्णय एवं संसाधन आवंटन की प्रक्रिया सामने आएगी। नरयावली विधानसभा क्षेत्र के लिए उठाए गए ये मुद्दे स्थानीय विकास व शासन-प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


यदि आप चाहें तो मैं इस रिपोर्ट को और विस्तृत कर सकता हूँ—उदाहरण के लिए:

  • मकरोनिया व जरूवाखेड़ा के स्थानिक आंकड़े व रोजगार मांग के आँकड़ों के साथ,
  • प्रस्तावित आईटीआई के संभावित ट्रेड व कोर्स सूची सहित,
  • मंडी के आय-व्यय की प्रारम्भिक रूपरेखा (यदि उपलब्ध हो) या सहकारी समितियों की सूची व उनके क्रियाशीलता-स्थिति के आधार पर — और अधिक तकनीकी व विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार कर दूँ।

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