सागर – स्थानीय विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने नगर निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार एवं नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के साथ मिलकर चकराघाट का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य घाट पर साफ-सफाई, धार्मिक गतिविधियों से उत्पन्न अवशेषों के निपटान और पर्यावरण संरक्षण को लेकर वर्तमान व्यवस्था का जायजा लेना था।

निरीक्षण के दौरान विधायक जैन ने चकराघाट परिसर में स्थित मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री, अभिषेक जल एवं अन्य धार्मिक अवशेषों की स्थिति की जानकारी ली। पाया गया कि वर्तमान में यह समस्त सामग्री सीधे तालाब में प्रवाहित की जा रही है, जिससे न केवल जल प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न हो रही है, बल्कि धार्मिक स्थल की गरिमा और पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।
इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रकार की सामग्री को तालाब में प्रवाहित होने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक उपाय किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसी पूजन सामग्रियों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण के अनुकूल निष्पादन के लिए एक स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके।
निरीक्षण के दौरान बरियाघाट क्षेत्र की पार्षद श्रीमती वैदेही पुरोहित, नगर निगम अधिकारीगण, एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे श्री अमन चौरसिया, श्री विक्रम सोनी, एवं श्री कुलदीप खटीक भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी इस दिशा में सक्रिय सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
विधायक श्री जैन ने आमजन से अपील की कि वे पूजन के बाद निकलने वाली सामग्रियों को तालाब या नदी में न डालें, और नगर निगम द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम शीघ्र ही ऐसी व्यवस्था करेगा जिससे धार्मिक परंपराएं और प्रकृति दोनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
इस निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि जनप्रतिनिधि अब धार्मिक स्थलों के माध्यम से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर गंभीर हैं और वे समाधानात्मक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।