वैवाहिक मुहूर्तों की शुरुआत के साथ ही जहाँ परिवारों में नए रिश्तों का शुभारंभ हो रहा है, वहीं नववधुओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अभियान भी तेज हो गया है। गृह प्रवेश संस्कार के बाद अब बारी है नववधू को अपने नए परिवार के साथ मताधिकार का भागीदार बनाने की। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग की स्वीप आइकॉन सारिका द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवविवाहित महिलाओं को मतदाता सूची में नाम स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सारिका ने बताया कि यदि विवाह से पहले लड़की का नाम मायके की मतदाता सूची में दर्ज था, तो विवाह के बाद नए पते पर नाम स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया बीएलओ के माध्यम से आसानी से पूरी की जा सकती है। वहीं पहली बार पंजीकरण कराने वाले नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 लागू होता है।

सारिका ने बताया कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संभव है। कार्यक्रम में उन्होंने वैवाहिक बन्नी लोकगीतों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
अपने संदेश में सारिका ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना है, ताकि विवाह के बाद भी उनका नाम सही स्थान पर जुड़ा रहे और वे बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
उन्होंने परिवारों से अपील की कि नववधू के नए घर में स्वागत के साथ ही उसके नाम का मतदाता सूची में स्थानांतरण भी करवाएं, ताकि वह भी लोकतंत्र की इस साझी प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन सके।