सागर, 5 जून 2025: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जमुनिया चिखली ने एक मिसाल कायम की है। कलेक्टर श्री संदीप आर के मार्गदर्शन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने 500 औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए अभिनव पहल की, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया है।

अभियान की खास बातें:
- फरवरी में रोपे गए थे पौधे: विद्यालय प्रांगण में लगाए गए इन पौधों को तपती गर्मी (मई-जून) में बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई।
- शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई: अवकाश के दिनों में प्रतिदिन 2-3 शिक्षक पौधों को पानी देने के लिए विद्यालय पहुँचते थे।
- जिम्मेदारी का बँटवारा: प्रत्येक शिक्षक को 20-20 पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- 99% सफलता दर: 500 में से केवल 7 पौधे ही सूखे, बाकी सभी स्वस्थ हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं।

शिक्षकों और छात्रों का समर्पण:
- प्राचार्य भरत सिंह परिहार और इको क्लब प्रभारी अरुण कुमार दुबे के नेतृत्व में पूरी टीम ने “हमारा विद्यालय, हमारा तीर्थ” की अवधारणा को साकार किया।
- शिक्षकों नरेश यादव, ओम नारायण ठाकुर, पृथ्वीराज सिंह यादव, संजय तिवारी, इंद्रपाल सिंह लोधी, दीपक साहू और श्रीमती राधा कोरी ने अथक प्रयास किए।
स्थानीय प्रशंसा:
- शिक्षा समिति अध्यक्ष दवेंद्र सिंह ठाकुर: “इस पठारी क्षेत्र में इतने पौधों का बचना एक बड़ी उपलब्धि है।”
- सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर भाई राजपूत: “औषधीय गार्डन विकसित कर छात्रों को पर्यावरण की सीख दी है।”
- ग्रामवासियों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

विश्व पर्यावरण दिवस का संदेश:
इस अभियान ने साबित किया कि सामूहिक प्रयास से प्रकृति को बचाया जा सकता है। विद्यालय ने न केवल पौधों को जीवन दिया, बल्कि छात्रों में पर्यावरण संरक्षण की भावना भी जगाई।
जमुनिया चिखली का यह प्रयास सतत विकास और हरित भविष्य की दिशा में एक मिसाल है, जो पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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