शहर में कड़ाके की ठंड से बढ़े हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के मरीज, युवाओं में मल्टीपल ब्लॉकेज की चेतावनी !

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शहर: पिछले पखवाड़े से पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच शहर के अस्पतालों में हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के मरीजों की संख्या में तेज़ी आई है। खास बात यह है कि इस बार हार्ट अटैक के मामलों में 30 से 50 साल के युवा मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है।


मल्टीपल ब्लॉकेज से बढ़ा खतरा

हार्ट अटैक के कुछ युवा मरीजों में मल्टीपल ब्लॉकेज यानी 2 या इससे अधिक ब्लॉकेज पाए जा रहे हैं। जेएएच में कार्डियोलॉजी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 15 दिनों में करीब 308 हृदय रोगी भर्ती हुए हैं, जिनमें से 16 मरीजों की मौत हो चुकी है।

  • विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य कारण युवा वर्ग में डायबिटीज, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन है।
  • कार्डियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कवि भार्गव ने बताया कि 21 साल के युवाओं में भी एक ब्लॉकेज शत-प्रतिशत देखा गया है, जो पहले आम नहीं था।

ब्रेन अटैक के मामले भी बढ़े

  • न्यूरोलॉजी विभाग के अनुसार, पिछले 15 दिनों में 123 ब्रेन अटैक के मरीज आए, जिनमें से 15 मरीज अस्पताल आने से पहले या कुछ देर बाद ही मृत पाए गए।
  • विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उदैनिया ने बताया कि सर्दी में खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे नसों में क्लॉट बनते हैं और ब्रेन तक खून नहीं पहुंच पाता, जिससे ब्रेन अटैक हो जाता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

  • डॉ. राम रावत: इस मौसम में टहलने से बचें।
  • डॉ. पुनीत रस्तोगी (विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी): तापमान में गिरावट आने पर हार्ट अटैक के मामले और बढ़ेंगे। हार्ट पेशेंट धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें, सुबह जल्दी टहलना नुकसानदेह हो सकता है।
  • सावधानियाँ: दांत, छाती और पेट में दर्द को नजरअंदाज न करें।

अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या

  • जेएएच में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण फ्लोर पर भर्ती करने की नौबत आ रही है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि युवा भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को गंभीरता से लेना जरूरी है।

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