राजधानी भोपाल में एक फर्जी मैरिज ब्यूरो गिरोह शादी का सपना दिखाकर युवाओं से ठगी कर रहा था। यूपी, राजस्थान सहित कई राज्यों के अविवाहित युवकों को “तुरंत शादी” का लालच देकर 24–25 हजार रुपए तक ऐंठे जा रहे थे। बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में “लड़की उपलब्ध—तुरंत रिश्ता” लिखे पर्चे बांटकर भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाया जाता था। छोला मंदिर थाना पुलिस ने इस संगठित ठगी गिरोह का खुलासा किया है।

ऐसे चल रहा था फर्जी शादी का खेल
गैंग के सदस्य बस स्टैंड और बाजारों में पर्चे बांटते थे, जिसमें दावा होता—
“योग्य लड़कियां उपलब्ध… तुरंत शादी… बस रजिस्ट्रेशन कराएं।”
पीड़ित जब कॉल करते तो उन्हें भरोसा दिलाया जाता—
“भोपाल आ जाइए, लड़की दिखा देंगे… अगले हफ्ते शादी करा देंगे।”
पीड़ितों को भोपाल लाकर गांव में किसी युवती को नकली दुल्हन की तरह पेश किया जाता था। वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 24–25 हजार रुपए ले लिए जाते। पैसे मिलते ही आरोपी फोन बंद कर गायब हो जाते।
झांसी के पिंटू साहू के साथ हुई ऐसी ठगी
झांसी निवासी पिंटू साहू को शादी न होने का दबाव था। बस स्टैंड पर मिले पर्चे से उसे उम्मीद जगी। नंबर मिलाया तो सामने से जवाब मिला—
“भाई साहब चिंता मत करो, लड़की तय है… भोपाल आ जाइए।”
भोपाल आने पर उसे महौली गांव ले जाया गया, जहां पहले से तय एक लड़की को संस्कारी और योग्य बताकर दिखाया गया। भरोसा दिलाकर उससे 24 हजार रुपए ले लिए। कुछ दिनों बाद जब पिंटू ने फोन किया तो नंबर बंद मिला। दोबारा भोपाल पहुंचा तो ऑफिस पर ताला लगा मिला। तब जाकर वह पुलिस के पास पहुंचा।

10 लोग इस तरह ठगे जा चुके हैं
सब इंस्पेक्टर एमडी अहिरवार का बयान
“यह गिरोह शादी के नाम पर ठगी करता था। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्चे बांटकर युवकों को विश्वास में लेते थे। अब तक 10 पीड़ित सामने आए हैं। आरोपियों की तलाश जारी है।”
पुलिस की पड़ताल में एक और खुलासा
कुछ दिन पहले भोपाल में ही लुटेरी दुल्हन गैंग पकड़ा गया था, जहाँ फर्जी शादी कराने पर युवती को 50 हजार रुपए मिलते थे। यह नया मामला उसी तरह का संगठित ठगी का नेटवर्क प्रतीत हो रहा है।