शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में मशरूम कल्टीवेशन पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू !

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सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ऊषा योजना के अंतर्गत छात्रों में स्वरोजगार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मशरूम कल्टीवेशन (मशरूम उत्पादन)” विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से प्रशिक्षित कर कम लागत में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सार्थक पहल

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि मशरूम न केवल पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ है, बल्कि बाजार में इसकी तेजी से बढ़ती मांग के कारण यह रोजगार और उद्यमिता के लिए बेहतर विकल्प बन चुका है।
उन्होंने कहा कि यह कोर्स ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे छात्र केवल डिग्री तक सीमित न रहकर स्वरोजगार अपनाने वाले उद्यमी बन सकें।


15 दिन का सघन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण

इस 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत विषय विशेषज्ञ डॉ. चंदन सिंह द्वारा विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां दी जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों जैसे:

  • ऑयस्टर मशरूम
  • बटन मशरूम
  • मिल्की मशरूम

की पहचान एवं उत्पादन तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।


उत्पादन से विपणन तक की पूरी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन की पूर्ण प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया जा रहा है, जिसमें:

  • कम्पोस्ट निर्माण
  • स्टरलाइजेशन प्रक्रिया
  • स्पॉनिंग
  • फसल प्रबंधन
  • मशरूम की तुड़ाई
  • पैकेजिंग एवं भंडारण
  • कीट एवं रोग नियंत्रण

जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इससे छात्र प्रशिक्षण के बाद स्वयं का मशरूम उत्पादन व्यवसाय शुरू करने में सक्षम हो सकेंगे।


100 विद्यार्थियों का चयन, पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर

कोर्स संयोजक डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि इस सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 100 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जो ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों में इस कोर्स को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।


शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहसंयोजक डॉ. प्रकाश कुशवाहा, डॉ. रविन्द्र सिंह ठाकुर एवं डॉ. वरुण यादव की सक्रिय सहभागिता रही। विभाग के शिक्षकों एवं स्टाफ द्वारा विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावहारिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।


यह सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों के लिए न केवल शैक्षणिक रूप से उपयोगी है, बल्कि उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा। महाविद्यालय द्वारा भविष्य में भी इस तरह के कौशल आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना जताई गई है।

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