सागर। सागर जिले की बंडा तहसील में पदस्थ पटवारी स्वाति जैन को शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बंडा तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है।
लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम कार्य, 1309 में से सिर्फ 262 फॉर्मर आईडी
मामला किसान फॉर्मर आईडी निर्माण से जुड़ा है। पटवारी स्वाति जैन को उनके हल्का क्षेत्र में कुल 1309 किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि उन्होंने मात्र 262 आईडी ही बनाई थीं।
2 जनवरी को ग्राम हिंडोरिया में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण में पाया गया कि ग्राम हिंडोरिया के साथ-साथ हीरापुर, भरतिया, सिंगदौनी और पिपरियाघाट के कई किसानों की आईडी अभी भी पेंडिंग थीं।
इतना ही नहीं, उपलब्ध सूची में यह तक स्पष्ट नहीं था कि किन-किन किसानों का कार्य शेष है, जिससे रिकॉर्ड संधारण में भी गंभीर लापरवाही सामने आई।

ग्रामीणों की शिकायतें, सीएम हेल्पलाइन में भी नहीं दिया जवाब
ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि पटवारी स्वाति जैन सप्ताह या 10–15 दिनों में केवल एक बार ही गांव आती थीं, जिससे किसानों के काम समय पर नहीं हो पा रहे थे।
इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का भी वे समय-सीमा में जवाब नहीं दे रही थीं, जो कि शासकीय दायित्वों का स्पष्ट उल्लंघन है।
बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिलीं पटवारी
शिकायतों के बाद 3 जनवरी को नायब तहसीलदार ज्योति वर्मा द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पटवारी स्वाति जैन बिना किसी पूर्व सूचना के अपने हल्का क्षेत्र से अनुपस्थित पाई गईं।
इस तथ्य को भी रिपोर्ट में गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में दर्ज किया गया।
तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद हुई सख्त कार्रवाई
तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पटवारी के कृत्य को घोर लापरवाही और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता करार दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने पटवारी स्वाति जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।
खुमान अहिरवार को सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार
प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पटवारी हल्का नंबर 24 (हिंडोरिया) का अतिरिक्त प्रभार गनयारी के पटवारी खुमान अहिरवार को आगामी आदेश तक सौंप दिया गया है।
यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश है कि शासकीय योजनाओं, विशेषकर किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसान फॉर्मर आईडी जैसी योजनाएं किसानों को सरकारी लाभों से जोड़ने का अहम माध्यम हैं, और इनमें ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।