शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव में मंगलवार को एक युवक की बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब मृतक युवक नारद जाटव (30), जो कि मोहना थाना क्षेत्र के दौरार गांव का रहने वाला था, अपने मामा के घर इंदरगढ़ आया हुआ था। घटना के बाद परिजनों ने सरपंच पदम धाकड़ और उसके परिवार के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया, और पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी हंगामा मच गया है, खासकर कांग्रेस ने इसे दलितों पर अत्याचार का उदाहरण करार दिया है।

घटना का विवरण:
मृतक नारद जाटव इंदरगढ़ के रघुवीर और करण सिंह के मामा का बेटा था। वह अकसर अपने मामा के घर काम में सहयोग करने आता रहता था, खासकर जब मामा और नाना का निधन हुआ था। मंगलवार को नारद ने सरपंच पदम धाकड़ और उसके परिवार से जुड़ी विवादित जमीन पर एक बोरवेल की पाइपलाइन को उखाड़ दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीव्र विवाद हो गया।
विवाद की जड़ बोरवेल की पाइपलाइन से जुड़ी थी, जिसे दोनों परिवारों ने खेतों की सिंचाई और होटल के लिए पानी लेने के लिए साझा किया था। हालांकि, सरपंच पदम धाकड़ और उसके भाई मोहन पाल धाकड़ ने नारद के मामा की जमीन से होटल के लिए एक दूसरा रास्ता बना लिया था, जिससे विवाद और बढ़ गया था। नारद द्वारा पाइपलाइन उखाड़ने के बाद यह संघर्ष और बढ़ गया। इसके बाद, सरपंच और उसके परिवार के पांच सदस्य – मोहन पाल धाकड़, अंकेश धाकड़, जसवंत धाकड़, दाखा बाई और सरपंच – ने नारद को लाठियों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद का घटनाक्रम:
घटना के बाद नारद के परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। सुभाषपुरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। शव के पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने हंगामा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने आश्वासन दिया और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए।

पुलिस का बयान:
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में आठ लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि मामले में सरपंच और उसके परिवार के छह सदस्यों को आरोपित किया गया है, जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ:
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि मध्य प्रदेश में दलित वर्ग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रदेश में दलित और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेता अरुण यादव ने भी ट्वीट किया कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था का खात्मा हो चुका है, और राज्य दलितों और आदिवासियों के लिए एक कब्रगाह बन गया है।

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने घटना के बाद सख्त कार्रवाई की है और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को धार्मिक और जातिवादी रंग देने की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य सरकार कानून के शासन और न्याय के पक्ष में खड़ी है।

निष्कर्ष:
यह घटना शिवपुरी जिले में एक गंभीर विवाद को उजागर करती है, जिसमें एक व्यक्ति की हत्या रास्ते और बोरवेल की पाइपलाइन को लेकर हुए संघर्ष में हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, यह घटना प्रदेश में दलितों और आदिवासियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गई है, जो आगामी चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।