‘संकल्प से समाधान’ शिविर में नहीं पहुंचे लोग, 12 पंचायतों के कैंप में सिर्फ 5 लोग पहुंचे !

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बीना (सागर)। बीना क्षेत्र की कंजिया ग्राम पंचायत में मंगलवार को आयोजित सरकार के “संकल्प से समाधान” शिविर में लोगों की भागीदारी बेहद कम देखने को मिली। 12 पंचायतों के लिए लगाए गए इस शिविर में महज 5 लोग ही अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कर्मचारियों की मौजूदगी, लेकिन जनता नदारद

शिविर में ग्रामीणों की भीड़ तो नहीं दिखी, लेकिन सरकारी कुर्सियों पर कर्मचारी जरूर बैठे नजर आए। शिविर में 12 पंचायतों के सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि शुभम तिवारी और उपसरपंच शहजाद हुसैन भी शामिल हुए, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप ग्रामीणों की उपस्थिति नहीं रही।

प्रचार-प्रसार की कमी बताई वजह

उपसरपंच शहजाद हुसैन ने शिविर में लोगों के कम पहुंचने का कारण जानकारी और प्रचार-प्रसार की कमी बताया।

उन्होंने कहा कि इस शिविर के बारे में गांवों में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और न ही इसका सही तरीके से प्रचार किया गया।

उनका कहना था कि अगर लोगों को पहले से सूचना मिलती तो अधिक संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंच सकते थे। बिना प्रचार के सरकार की अच्छी पहल का पूरा लाभ नहीं मिल सका।

क्या है ‘संकल्प से समाधान’ अभियान

विधायक प्रतिनिधि शुभम तिवारी ने बताया कि “संकल्प से समाधान” अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके।

उद्देश्य और जमीनी हकीकत में अंतर

हालांकि अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, लेकिन कंजिया पंचायत में आयोजित शिविर में लोगों की कम मौजूदगी ने प्रशासन की सूचना व्यवस्था और जनजागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे शिविरों की समुचित जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, तो अधिक लोग इनका लाभ उठा सकते हैं।


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