सागर, 11 सितम्बर 2025।
सागर संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने आज अचानक जैसीनगर विकासखंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सांदीपनि विद्यालय, साइबर तहसील, लोक सेवा केंद्र और अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण में एसडीएम श्री रोहित वर्मा, तहसीलदार श्री हरीश लालवानी तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण
सबसे पहले संभाग कमिश्नर ने सांदीपनि विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। भवन निर्माण में प्रयुक्त कोटा स्टोन को देखकर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की और निर्देश दिए कि इसे तत्काल बदलकर गुणवत्ता सुनिश्चित की जावे।
उन्होंने कहा—
“सांदीपनि विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे शीघ्रता से पूर्ण किया जाए ताकि छात्र-छात्राओं को इसका लाभ समय पर प्राप्त हो सके। जिन कक्षाओं का निर्माण पूरा हो गया है, उनमें शिक्षण प्रारंभ किया जाए और छात्रों की राय के अनुसार आवश्यक सुधार भी करें। भवन के बालक और बालिकाओं के शौचालय शीघ्र चालू किए जाएं, साथ ही पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। पूरे भवन में शुद्ध पेयजल के लिए ऑरो सिस्टम लगाया जाए।”

साइबर तहसील और लोक सेवा केंद्र
संभाग कमिश्नर ने साइबर तहसील का निरीक्षण करते हुए नामांतरण के पेंडिंग प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरण तत्काल निपटाए जाएं और पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
एसडीएम कार्यालय और न्यायालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों की सुनवाई सुनिश्चित की जावे और संबंधित पटवारी भी सुनवाई में उपस्थित रहे ताकि सभी मामलों का समय पर निराकरण हो सके।

अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास का निरीक्षण
छात्रावास में पहुंचकर संभाग कमिश्नर ने भोजन, पेयजल और शौचालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि—
- छात्रों को स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसका प्रतिदिन मॉनिटरिंग किया जाए।
- छात्रावास में मच्छर रोधी दावों का छिड़काव किया जाए और छात्रों को मच्छरदानी प्रदान की जाए।
- छात्रावास की रंगाई-पुताई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- परिसर और शौचालय की प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित की जाए।

अधिकारियों को निर्देश
संभाग कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सभी निरीक्षण किए गए स्थलों पर गुणवत्ता, समय पर काम और छात्रों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखा जाए।