सागर
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को बिलहरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान आरटीओ टीम ने 78 ट्रैक्टर–ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर टेप लगाए ताकि रात के समय दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
पीछे लाइट ना होने से बढ़ती हैं दुर्घटनाएं
आरटीओ मनोज कुमार तेहनगुरिया ने बताया कि अधिकांश ट्रैक्टर–ट्रॉली में पीछे की ओर लाइट व्यवस्था नहीं होती, जिसके चलते रात में ये वाहन सड़क पर स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इससे ओवरटेक या तेज रफ्तार वाहनों को ट्रैक्टर–ट्रॉली दिख नहीं पाती और गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
इसी समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर–ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य किया है और अभियान के माध्यम से इसे लागू किया जा रहा है।

10 यात्री और स्कूली वाहनों की जांच
अभियान के दौरान आरटीओ अमले ने 10 यात्री और स्कूल वाहनों की विशेष चेकिंग की। जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं—
- 3 यात्री बसों में निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
→ इस पर विभाग ने 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। - 2 स्कूल बसों में एचएसआरपी नंबर प्लेट, रिफ्लेक्टर टेप, वाहन से जुड़े दस्तावेज, और चालक के लाइसेंस नहीं पाए गए।
→ इन कमियों पर विभाग ने 3200 रुपये का जुर्माना लगाया।

सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता अभियान जारी
आरटीओ विभाग ने वाहन मालिकों और चालकों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर कार्रवाई कड़ी की जाएगी।
विभाग का लक्ष्य—
- दुर्घटनाओं में कमी
- वाहनों की दृश्यता बढ़ाना
- सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करना
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आने वाले दिनों में और भी कड़ा किया जाएगा।