सतना। जिले से लापता हुई युवती को जबलपुर एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया। वह अपने परिचित युवक शाहनवाज कुरैशी के साथ दिल्ली जाने की तैयारी में थी। जैसे ही इस बात की जानकारी परिजनों और पुलिस को लगी, हड़कंप मच गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवती की मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और डुमना एयरपोर्ट से दोनों को हिरासत में ले लिया।

दिल्ली रवाना होने की थी तैयारी
जांच में सामने आया कि शाहनवाज कुरैशी सतना की जवान सिंह कॉलोनी का रहने वाला है। फिलहाल वह दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी करता है। शाहनवाज की मुलाकात युवती से कुछ साल पहले हुई थी। बातचीत से दोस्ती और मुलाकातों तक रिश्ता आगे बढ़ा। गुरुवार को वह युवती को कार से जबलपुर एयरपोर्ट लेकर आया, जहां से दोनों दिल्ली रवाना होने वाले थे।
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद सतना पुलिस ने युवती का मोबाइल नंबर ट्रैक किया। लोकेशन जबलपुर डुमना एयरपोर्ट पर मिली। तत्काल खमरिया थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने दोनों के आधार कार्ड की जांच की और पूछताछ की।
युवती ने बयान दिया कि शाहनवाज उसे दिल्ली घुमाने ले जाने की बात कह रहा था। हालांकि परिजनों ने साफ आरोप लगाया कि उसे जबरन ले जाया जा रहा था।
परिजनों का अपहरण का आरोप
युवती के परिजनों ने दावा किया कि शाहनवाज ने उनकी बेटी को जबरन बहलाकर-फुसलाकर दिल्ली ले जाने की कोशिश की। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए युवती और युवक दोनों को हिरासत में लेकर सतना पुलिस को सौंप दिया गया।

शाहनवाज पर केस दर्ज, युवती परिजनों के सुपुर्द
सतना कोतवाली पुलिस ने शाहनवाज कुरैशी के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं युवती को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पृष्ठभूमि से गहराई तक जांच
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि शाहनवाज का युवती को दिल्ली ले जाने का मकसद सिर्फ घुमाने का था या इसके पीछे कोई और मंशा छिपी हुई थी। परिजनों के आरोप को ध्यान में रखते हुए पुलिस सभी एंगल पर पड़ताल कर रही है।
इसी तरह का एक और मामला – श्रद्धा तिवारी की कहानी
सिर्फ सतना ही नहीं, इंदौर से भी हाल ही में एक युवती का मामला सुर्खियों में रहा।
23 अगस्त को 22 वर्षीय श्रद्धा तिवारी घर से अपने प्रेमी से मिलने निकली थी। लेकिन जब प्रेमी नहीं आया तो वह निराश होकर रेलवे स्टेशन पहुंची और ट्रेन में बैठ गई। ट्रेन रतलाम की ओर जा रही थी।
हताशा में श्रद्धा ने चलते ट्रेन से कूदकर जान देने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद करण योगी नाम के युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे बचा लिया। इसके बाद कहानी ने मोड़ लिया—कुछ दिनों बाद श्रद्धा अचानक घर लौटी, लेकिन इस बीच वह किसी और से शादी करके आई थी।