सभी की रक्षा करना ही क्षत्रिय धर्म है : युवा नेता अविराज भूपेन्द्र सिंह !

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क्षत्रिय युवा समाज द्वारा बम्हौरी में आयोजित युवा समागम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में युवा नेता श्री अविराज भूपेन्द्र सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “स्वयं की रक्षा करना आत्मरक्षा है, लेकिन सभी की रक्षा करना ही क्षत्रिय धर्म है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और अपने जीवन को शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के लिए समर्पित करें।

अविराज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आज देश और समाज का भविष्य शिक्षा पर टिका हुआ है। यदि युवा बेचारे नहीं बल्कि विचारवान बनें तो राष्ट्र उन्नति की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा केवल व्यक्ति की ऊर्जा और समय को बर्बाद नहीं करता बल्कि विदेशी ताकतें नशे के धन का उपयोग धर्म परिवर्तन और देश विरोधी गतिविधियों में करती हैं।

सोशल मीडिया और युवाओं की भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन से ज्ञान भी लिया जा सकता है और नुकसान भी। आज अधिकांश युवा मोबाइल में उलझे रहते हैं, जिससे मन की शुद्धि कम हो रही है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि युवा वह है, जो अनीति के विरुद्ध लड़े, दुर्गुणों से दूर रहे और अपनी ऊर्जा से समाज की दिशा बदल दे।

महाराणा प्रताप का उदाहरण

अविराज भूपेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप ने मात्र 14 वर्ष की आयु में अपना पहला युद्ध लड़ा और सिद्ध किया कि आयु नहीं, बल्कि प्रयास सफलता की कुंजी है। उस दौर में जब अधिकांश राजा भोग-विलास में डूबे थे, महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा को सर्वोच्च माना और अकबर के सामने कभी समर्पण नहीं किया। उन्होंने भीलों को सम्मान देकर नई सेना बनाई और संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहे।

उन्होंने कहा कि आज का क्षत्रिय युवा भी महाराणा प्रताप की तरह समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चले, सबको सम्मान दे और राष्ट्र निर्माण में योगदान करे।

भारतीय संस्कृति और स्वदेशी का महत्व

युवा नेता ने कहा कि भारत ने दुनिया को शांति, उदारता और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाया है। अब यह युवाओं का कर्तव्य है कि वे राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाएं और स्वदेशी को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि भारत एक अमर राष्ट्र है, जिसने विश्व को सिखाया कि संस्कृति, सेवा और समर्पण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है।

युवा समागम और प्रतिभा सम्मान

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। शिक्षा, खेल, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को अविराज भूपेन्द्र सिंह ने सम्मान-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए।

विशाल रैली और स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत निवाड़ी तिगैला से विशाल वाहन रैली के साथ हुई। मार्ग में मड़िया, विरौराखेत, ज्यौरामौरा, रानीगंज तिराहा सहित विभिन्न स्थानों पर समाज के युवाओं और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बम्हौरी पहुंचने पर रैली एक विशाल युवा समागम में परिवर्तित हो गई, जहां रोड शो के माध्यम से अविराज भूपेन्द्र सिंह का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।

एकता और समाज शक्ति का प्रदर्शन

समारोह में समाज की युवा शक्ति का जागरण, एकता और प्रतिभाओं का सम्मान सुनिश्चित करने का संदेश स्पष्ट रूप से झलका। इस अवसर पर समाज के शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और विशेष रूप से युवा वर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहा।

विशिष्ट उपस्थितियां

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भगवत सिंह दांगी, हीरालाल दांगी, लखन दांगी, प्रकाश सिंह दांगी, महेन्द्र सिंह, रामकुमार दांगी, लल्लू सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, गन्धर्व सिंह, संजय सिंह, राम अवतार सिंह, मैथिलीशरण सिंह, ज्ञान सिंह, अजेन्द्र सिंह, रविंद्र सिंह, मुकेश सिंह, सट्टन सिंह, अजीत सिंह, वीर सिंह, केहर सिंह, अमित सिंह, राहुल सिंह, जितेंद्र सिंह, के.पी. दांगी, भरत सिंह दांगी, काशीराम सिंह, देवी सिंह, पूरन सिंह, मनोज प्रताप सिंह, नरेन्द्र सिंह सहित बुंदेलखंड के सभी जिलों से दांगी समाज के युवा और वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

युवा समागम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब युवा समाज अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाता है, तो न केवल समाज बल्कि पूरा राष्ट्र आगे बढ़ता है। अविराज भूपेन्द्र सिंह के प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित युवाओं को क्षत्रिय धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की राह पर चलने की प्रेरणा दी।

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