समग्र विकास का खाका: मध्यप्रदेश बजट 2026-27 में किसान, महिला और गांव पर फोकस !

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मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट में सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि समृद्धि और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसे प्रदेश की आर्थिक प्रगति का रोडमैप माना जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण को मिली प्राथमिकता

बजट में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपये और सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत 3,863 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ये योजनाएं महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करेंगी।

किसानों के लिए राहत और सहयोग

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 13,914 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं 5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों और एक बत्ती कनेक्शन पर निःशुल्क बिजली की प्रतिपूर्ति हेतु 5,276 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5,501 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में अहम कदम है।

ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा

ग्रामीण विकास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 6,850 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकेंगे। ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए लगभग 2,968 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए मेट्रो परियोजनाओं हेतु 656 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए 4,454 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राथमिक शिक्षा के लिए 11,444 करोड़ रुपये और समग्र शिक्षा अभियान के लिए 5,649 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नेशनल हेल्थ मिशन के लिए 4,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही आयुष्मान भारत योजना को भी सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ‘वेदांत पीठ’ की स्थापना के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

रोजगार और निवेश को प्रोत्साहन

प्रदेश में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए 2,550 करोड़ रुपये का निवेश प्रोत्साहन पैकेज और एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,550 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार’ योजना के तहत 10,428 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश के सभी वर्गों—महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों—को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी रखता है।

इस प्रकार मध्यप्रदेश का बजट 2026-27 प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम साबित होगा।

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