बैठक में लापरवाही पर नगर निगम कमिश्नर सहित कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
सागर, 01 सितम्बर 2025।
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन की लोकहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो, आपदा राहत सहायता हो या अन्य योजनाएँ, हर पात्र हितग्राही को निर्धारित समयसीमा में लाभ मिलना चाहिए।

समय सीमा बैठक में सख्ती
सोमवार को हुई समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुँचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। इसमें कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर राजनंदनी शर्मा, सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

लापरवाही पर कार्रवाई
कलेक्टर ने योजनाओं में प्रगति न लाने और बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कठोर निर्देश दिए और कारण बताओ नोटिस जारी किए।
- नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री – बैठक में अनुपस्थित रहने और प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रकरणों का समय पर निराकरण न करने पर कारण बताओ नोटिस।
- एसडीएम मालथोन मनोज चौरसिया – बैठक में अनुपस्थित रहने पर नोटिस।
- सीएमओ मकरोनिया पवन शर्मा – हितग्राहियों को समय पर लाभ न दिलाने पर नोटिस।
- सीएमओ मालथोन प्रभु शंकर खरे, सीएमओ खुरई राजेश मेहते, सीएमओ बंडा आरसी अहिरवार – योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर नोटिस।
- जनपद पंचायत सीईओ मालथोन सचिन गुप्ता – कार्य में लापरवाही पर नोटिस।
- ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना – सभी जनपद पंचायत सीईओ की एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश।
- फ्रूट फॉरेस्ट योजना – समय पर पौधारोपण न करने पर चार जनपद पंचायत सीईओ को नोटिस।
- परियोजना अधिकारी संदीप श्रीवास्तव एवं डीपीएम प्रभास मोड़ोतिया – कार्य में प्रगति न लाने पर नोटिस।

कलेक्टर का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी यदि अधिकारी लापरवाह पाए गए तो उनके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कलेक्टर संदीप जी आर की इस सख्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि सागर जिला प्रशासन अब योजनाओं को लेकर शून्य सहिष्णुता नीति पर काम करेगा। जनता को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी।