समर्थन मूल्य पर सरसों खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा, रहली में 35–40% नकली सरसों मिलने से हड़कंप !

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सागर। रबी विपणन वर्ष 2024–25 में समर्थन मूल्य पर की गई सरसों खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया है। सागर जिले के रहली में नेफेड (NAFED) द्वारा उपार्जित सरसों को जब क्रेता कंपनी को बेचा गया, तो जांच में उसमें 35 से 40 प्रतिशत तक नकली सरसों की मिलावट पाई गई। मामला उजागर होते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

घटना के सामने आने के बाद रहली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने सेवा सहकारी समिति संचालकों, एनसीएमएल सर्वेयरों और मप्र वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नेफेड ने बेची सरसों, उठाव के समय खुला फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार, फरियादी रंजीत कुमार सिंह निवासी भोपाल ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की समर्थन मूल्य योजना के तहत नेफेड द्वारा सागर जिले में मप्र वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की शाखा रहली के गोदाम क्रमांक-10 में सरसों का उपार्जन कराया गया था।

यह उपार्जन सेवा सहकारी समिति छिरारी और सेवा सहकारी समिति रहली उपकेंद्र खैराना के माध्यम से किया गया था। बाद में नेफेड भोपाल द्वारा यह सरसों क्रेता कंपनी को विक्रय की गई।

बोरियों पर नहीं था किसान कोड, निगरानी पर सवाल

जांच में सामने आया कि उपार्जन के समय सरसों की किसी भी बोरी पर किसान कोड अंकित नहीं था, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उपार्जित सरसों के तस्कंद (क्वालिटी टेस्ट) का परीक्षण एनसीएमएल सर्वेयर अभिषेक दुबे (सागर) और पुष्पेंद्र साहू (केसली) द्वारा किया गया था।

कंपनी ने उठाव के दौरान जताई आपत्ति

जब सरसों का उठाव क्रेता कंपनी द्वारा किया गया, तब कई बोरों में मिट्टी से बने नकली, सरसों जैसे दिखने वाले दाने पाए गए। इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई। जांच में सामने आया कि करीब 30 से 40 प्रतिशत तक सरसों पूरी तरह नकली थी। इस संबंध में 14 अक्टूबर 2025 को पंचनामा तैयार किया गया।

पानी परीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

नेफेड भोपाल के निर्देश पर एएफई, एसएमटीएस, गोदाम प्रतिनिधि और शाखा प्रबंधक की मौजूदगी में संयुक्त जांच की गई। सरसों को पानी में डालकर परीक्षण किया गया, जिसमें बड़ी मात्रा में दाने पानी में तैरते हुए पाए गए। इससे प्रति क्विंटल 35 से 40 प्रतिशत नकली सरसों होने की पुष्टि हुई।

कितनी सरसों खरीदी गई और बेची गई

पंचनामा के अनुसार—

  • सेवा सहकारी समिति रहली द्वारा
    8470 बोरी (4235 क्विंटल) सरसों खरीदी गई
  • सेवा सहकारी समिति रहली उपकेंद्र खैराना द्वारा
    9431 बोरी (4715.50 क्विंटल) सरसों खरीदी गई

कुल मिलाकर नेफेड द्वारा यह सरसों मेसर्स शिवशक्ति सागर ट्रेडिंग कंपनी, टांक देवरी (राजनांदगांव) को बेची गई थी। भुगतान प्रक्रिया के दौरान ही मिलावट का मामला सामने आया।

गोदाम में अभी भी बची है सरसों

वेयरहाउस क्रमांक-10, रहली में खैराना और छिरारी समितियों की कुल 8950 क्विंटल सरसों संग्रहित थी, जिसमें से 8693 क्विंटल का विक्रय हो चुका है। फिलहाल 257 क्विंटल सरसों अब भी गोदाम में भंडारित है, जिसकी जांच जारी है।

इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला

रहली पुलिस ने जिनके खिलाफ अपराध दर्ज किया है—

  • विजय कुमार जैन – संचालक, सेवा सहकारी समिति छिरारी
  • जगदीश लोधी – संचालक, सेवा सहकारी समिति रहली उपकेंद्र खैराना
  • अभिषेक दुबे – एनसीएमएल सर्वेयर, सागर
  • पुष्पेंद्र साहू – एनसीएमएल सर्वेयर, केसली
  • वर्षा तोमर – तत्कालीन शाखा प्रबंधक, मप्र वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन

पुलिस का कहना है कि पूरे उपार्जन, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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