समाज में व्याप्त बुराई रूपी रावण को जलाने का संकल्प लें – श्री भूपेन्द्र सिंह !

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खुरई।
दशहरा केवल आतिशबाजी और पुतला दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। यही संदेश देते हुए पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने खुरई और कनेरागौंड़ में आयोजित दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रावण केवल कागज का नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त बुराईयों का प्रतीक है। जब तक समाज से शराब जैसी बुराई खत्म नहीं होगी, तब तक असली रावण जीवित रहेगा।

शराब को बताया समाज का सबसे बड़ा रावण

अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा –

“आज समाज का सबसे बड़ा रावण शराब है। यह व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर देती है। परिवार टूट जाते हैं और समाज में अपराध बढ़ते हैं। जब तक शराब रूपी रावण नहीं जलेगा, तब तक जनता सुखी नहीं रह सकती। गाँव-गाँव में जो लोग अवैध शराब का धंधा कर रहे हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार करना होगा। इसके खिलाफ सामूहिक अभियान चलाना ही समय की मांग है।”

राम राज्य की स्थापना ही विजयादशमी का संदेश

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध धर्म और न्याय की स्थापना के लिए किया था। सोने की लंका का राजपाट विभीषण को सौंपते समय श्रीराम का संदेश स्पष्ट था कि राज्य में धर्म का शासन हो और प्रजा सुखी रहे।

“गरीब को न्याय तब तक नहीं मिलेगा जब तक हम बुराईयों को समाप्त नहीं करेंगे। राम राज्य तभी आएगा जब हर व्यक्ति धर्म और न्याय के मार्ग पर चलेगा।”

अहंकार से होता है पतन

अपने उद्बोधन में श्री सिंह ने रावण, कंस और कौरवों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका अंत केवल उनके अभिमान के कारण हुआ। इसलिए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि जीवन में कभी अहंकार नहीं आने देंगे।
उन्होंने सवाल उठाया –

“हम हजारों सालों से रावण का वध करते आ रहे हैं, पर क्या हमने अपने मन के अंदर के रावण को जलाया? मन के भीतर की बुराईयाँ ही असली रावण हैं।”

नारी शक्ति को किया नमन

कार्यक्रम में नारी की महत्ता पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नारी देवी स्वरूपा है, और हमारे धर्म का केन्द्र माँ दुर्गा है। महाभारत और रामायण दोनों ही नारी के अपमान से जुड़े प्रसंगों से हमें यह शिक्षा देते हैं कि नारी का सम्मान ही समाज का सम्मान है।
उन्होंने संकल्प दिलाया कि –

“हर घर में बेटी को देवी स्वरूप मानकर अच्छे संस्कार दें और पुत्र को राम-कृष्ण जैसा चरित्रवान बनाएँ। विजयादशमी पर यह प्रण लें कि हम अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएंगे।”

विकास और सेवा कार्यों का लोकार्पण

श्री भूपेन्द्र सिंह ने दशहरा महोत्सव के साथ ही विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने खुरई में के.के. पैलेस से सागर नाका के बीच लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनी स्ट्रीट लाइटों का लोकार्पण किया। इसके अलावा कनेरागौंड़ स्थित सिद्धबाबा परिसर में सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत वृक्षारोपण, 37 लाख रुपये लागत के पंचायत भवन और अन्य निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।
साथ ही उन्होंने सिद्धबाबा मंदिर में कलश स्थापना और भंडारा कराने की घोषणा भी की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम में युवा नेता श्री अविराज भूपेन्द्र सिंह ने शिव तांडव स्त्रोत का सस्वर पाठ कर माहौल को धार्मिकता और भक्ति से भर दिया।


भूपेन्द्र सिंह का संदेश स्पष्ट था कि दशहरा का पर्व केवल आतिशबाजी तक सीमित न रहकर समाज में वास्तविक बुराईयों के अंत का संकल्प बनना चाहिए। जब तक शराब और अन्य बुराईयों का उन्मूलन नहीं होगा, तब तक राम राज्य की स्थापना असंभव है।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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