सागर। सरिया की सप्लाई के नाम पर एक व्यापारी से करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। छिंदवाड़ा स्थित केजीएन इंटरप्राइजेज के संचालक पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में टीएमटी सरिया बेचने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए, लेकिन पूरी सप्लाई नहीं की और न ही शेष राशि वापस की। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर गोपालगंज थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार फरियादी विकास तिवारी, निवासी बाघराज वार्ड, सागर ने थाने में शिकायती आवेदन दिया है। शिकायत में बताया गया कि प्रो. इमरान खान, निवासी परासिया रोड ग्राम परतला, जिला छिंदवाड़ा, जो केजीएन इंटरप्राइजेज का संचालक है, ने मोबाइल के माध्यम से उनकी कंपनी से संपर्क किया था। बातचीत में विभिन्न निर्माण साइटों के लिए टीएमटी सरिया की आवश्यकता बताते हुए सौदे की बात तय हुई।
400 टन जीके और 125 टन आईएसआई मार्क सरिया का सौदा
शिकायत के मुताबिक 16 जुलाई को प्रो. इमरान खान से 400 टन जीके टीएमटी सरिया और 125 टन आईएसआई मार्क टीएमटी सरिया की खरीदी पर सहमति बनी। इसके बाद 19 जुलाई को फरियादी की फर्म के बैंक खाते से 55 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा अलग-अलग तारीखों में कुल मिलाकर 2 करोड़ 25 लाख रुपए इमरान खान की कंपनी केजीएन इंटरप्राइजेज के बैंक खाते में भेजे गए।

केवल 198.14 टन सरिया की हुई सप्लाई
राशि ट्रांसफर होने के बाद आरोपी की ओर से 17 अगस्त से 10 दिसंबर के बीच अलग-अलग तारीखों में मात्र 198.14 टन सरिया ही भेजा गया, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 45 हजार 755 रुपए बताई गई है। जबकि सौदे के अनुसार अभी भी करीब 327.31 टन टीएमटी सरिया की सप्लाई बाकी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 24 लाख 54 हजार 245 रुपए है।
न माल दिया, न पैसे लौटाए
कंपनी के जनरल मैनेजर विनीत तिवारी ने बताया कि शेष माल भेजने के लिए प्रो. इमरान खान से कई बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन वह हर बार अलग-अलग बहाने बनाता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सरिया नहीं भेजा गया तो उससे शेष राशि वापस मांगी गई। इस पर आरोपी ने न तो माल देने पर सहमति जताई और न ही पैसे लौटाए। उल्टा उसने साफ शब्दों में कह दिया कि “जहां जाना है चले जाओ।”
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर गोपालगंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और सरिया की सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।