पारिवारिक विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकता है, इसका चौंकाने वाला उदाहरण सागर जिले से सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी के मायके वालों को फंसाने के लिए मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखकर विस्फोट की साजिश रची। इस घटना में 11 साल की मासूम बच्ची सहित तीन लोग घायल हो गए, जिनमें बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना 16-17 मार्च की है, जब सागर के रानगिर देवी धाम मंदिर परिसर में एक ब्लूटूथ स्पीकर में छिपाकर बम रखा गया था। आरोपी की पहचान गोलू उर्फ इमारत पटेल के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कैसे रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की पत्नी नूरजहां उससे विवाद के बाद अपने मायके चली गई थी। आरोपी उसे वापस लाना चाहता था, लेकिन पत्नी के परिवार वालों ने उसे भेजने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर गोलू ने ससुराल पक्ष को फंसाने की योजना बनाई।
उसने अपने एक साथी नीलेश के साथ मिलकर ब्लूटूथ स्पीकर में विस्फोटक सामग्री फिट कर दी। आरोपी पहले माइंस में काम कर चुका था, इसलिए उसे बारूद और विस्फोटक तैयार करने की जानकारी थी। उसने देवरी क्षेत्र से डेटोनेटर खरीदा और सुतली बम से बारूद निकालकर स्पीकर के अंदर फिट किया।
उसका मकसद था कि विस्फोट को आतंकी घटना जैसा दिखाया जाए और उसमें पत्नी के मायके वालों को आरोपी बनाकर फंसा दिया जाए।

मंदिर परिसर में रखा स्पीकर
16 मार्च को आरोपी मंदिर परिसर पहुंचा और वहां एक प्रसाद की दुकान के बाहर स्पीकर रखकर चला गया। दुकानदार राधेश्याम रैकवार ने उसे सामान्य स्पीकर समझकर सुरक्षित रखने के लिए घर के अंदर रख लिया।
अगले दिन रात को खाना खाने के बाद राधेश्याम की 11 वर्षीय नातिन संजना ने उस स्पीकर को चालू करने की कोशिश की। जैसे ही उसने मोबाइल से कनेक्ट कर स्पीकर ऑन किया, जोरदार धमाका हो गया।
ब्लास्ट में तीन लोग घायल
इस विस्फोट में संजना गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर, चेहरे, हाथ-पैर और घुटनों में गहरी चोटें आईं। उसे तत्काल भोपाल रेफर किया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई। वहीं, राधेश्याम और उनकी पत्नी अशोकरानी भी घायल हुए, जिनका इलाज सागर में चला।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत फैल गई।
पहले मोबाइल ब्लास्ट समझी गई घटना
शुरुआत में प्रशासन ने इसे मोबाइल बैटरी फटने की घटना बताया। स्थानीय अधिकारियों ने भी बम विस्फोट की संभावना से इनकार कर दिया था। लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि इतनी गंभीर चोटें मोबाइल ब्लास्ट से संभव नहीं हैं।
इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। मौके से मिले तार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अवशेषों ने संदेह को और मजबूत किया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और फोरेंसिक टीम की जांच में पुष्टि हुई कि विस्फोट में बारूद का इस्तेमाल हुआ था।
एक मैसेज से खुला राज
जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला। घटना से पहले मंदिर के पुजारी को एक मैसेज मिला था, जिसमें बम ब्लास्ट की चेतावनी दी गई थी और कुछ लोगों के नाम भी लिखे गए थे।
पुलिस ने इस मोबाइल नंबर की जांच की और लोकेशन ट्रेस करते हुए आरोपी तक पहुंच गई। पूछताछ में पहले तो आरोपी गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद उसने पूरा अपराध कबूल कर लिया।
शादी और विवाद बना कारण
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जून 2025 में खुद से 11 साल बड़ी महिला नूरजहां से शादी की थी। बाद में उसे पता चला कि महिला पहले से शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता रहा।
फरवरी 2026 में पत्नी मायके चली गई और वापस नहीं लौटी। इसी नाराजगी में आरोपी ने यह खौफनाक साजिश रची।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी गोलू और उसके साथी नीलेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि व्यक्तिगत विवाद किस तरह खतरनाक रूप ले सकते हैं। एक व्यक्ति की गलत सोच और बदले की भावना ने मासूम लोगों की जान जोखिम में डाल दी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
यह मामला दिखाता है कि तकनीक और विस्फोटक ज्ञान का गलत इस्तेमाल कितना विनाशकारी हो सकता है। समय रहते पुलिस की सतर्कता से आरोपी पकड़ा गया, लेकिन इस घटना ने कई परिवारों को गहरा जख्म दे दिया है।