भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित साइंस हाउस घोटाले में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की गिरफ्त में आए संचालक जितेंद्र तिवारी से पूछताछ के बाद जांच का दायरा सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका धागा चीन तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईओडब्ल्यू की टीम ने तिवारी से जुड़े कई दस्तावेज, लेन-देन का ब्योरा और कारोबार के नेटवर्क की तहकीकात शुरू कर दी है।

शूटर्स और कारतूस सप्लाई पर जांच तेज
साइंस हाउस प्रकरण से जुड़े कारतूस और हथियारों की सप्लाई पर अब बड़ा खुलासा हुआ है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 80 शूटर्स का रिकॉर्ड खंगाला। चार दिन चली इस जांच में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आईं।
- कई शूटर्स का मूल लाइसेंस सेल्फ डिफेंस के लिए जारी हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने उसी लाइसेंस के आधार पर स्पोर्ट्स कैटेगरी में 3–4 हथियार तक अपने पास रख लिए।
- स्पोर्ट्स कैटेगरी का जो एम्युनेशन कोटा मिलता था, उसका इस्तेमाल निजी सुरक्षा और अन्य कामों में किया जा रहा था।
- कई ऐसे शूटर सामने आए जिन्होंने लंबे समय से खेल प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं लिया, लेकिन अब भी बड़ी मात्रा में कारतूस और हथियार अपने पास रखे हैं।
- कुछ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा तो लिया, लेकिन रिकॉर्ड में कहीं भी कारतूस की खरीद और उपयोग का विवरण दर्ज नहीं किया गया।
शाहिद मछली का लाइसेंस सस्पेंड
जांच में आपराधिक केस सामने आने के बाद मछली परिवार से जुड़े शूटर शाहिद अहमद का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने उसके पास मौजूद सभी हथियार जब्त कर लिए—
- .32 बोर रिवॉल्वर
- 12 बोर सेमी-ऑटोमैटिक गन
- 30.06 राइफल
रिकॉर्ड की पड़ताल में बड़ा झोल
80 शूटर्स को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था। इनमें से 75 लोग खुद आए, जबकि 5 ने केवल रिकॉर्ड भेजकर पल्ला झाड़ लिया।
प्रशासन ने उनसे यह जानकारी मांगी थी:
- उनके लाइसेंस पर कितने हथियार दर्ज हैं?
- अब तक किन-किन रेंज में कितने दिन प्रैक्टिस की गई?
- कितने कारतूस इस्तेमाल किए गए और उनका रिकॉर्ड कहाँ है?
- पिछले 10 साल में किस डीलर या एसोसिएशन से कब और कितने कारतूस खरीदे गए?
अवैध शूटिंग रेंज का मामला भी जुड़ा
19 अगस्त को परवलिया थाना क्षेत्र के रसूलिया पठार में एक अवैध शूटिंग रेंज का मामला पकड़ा गया था। वहाँ फायरिंग कराई जा रही थी। इस प्रकरण में शारीक बुखारी के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके बाद से प्रशासन ने सभी शूटिंग रेंज और हथियार डीलरों की गहन जांच शुरू कर दी है।
हथियार डीलरों पर भी गिरी गाज
जांच में भोपाल स्थित शाह आर्मरी पर अनियमितताएं सामने आईं। अब उसके आर्म्स डीलर लाइसेंस को निरस्त करने की अनुशंसा शासन को भेज दी गई है। अन्य डीलरों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
चीन कनेक्शन पर जांच गहराई तक
ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार, संचालक जितेंद्र तिवारी के जरिए खरीदे गए उपकरणों और कारतूसों का लेन-देन कुछ विदेशी कंपनियों से जुड़ा है, जिसमें चीन की सप्लाई चेन भी संदिग्ध पाई गई है।
- शक है कि कारतूसों की ओवर-इनवॉइसिंग और फर्जी बिलिंग के जरिए भारी रकम बाहर भेजी गई।
- कई उपकरण और कैमिकल्स चीन से मंगवाकर यहां ब्लैक मार्केटिंग में खपाए गए।
- मामले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी जांच की संभावना है।
आगे क्या?
- मंगलवार को बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय और संबंधित अधिकारी जांच रिपोर्ट कलेक्टर के सामने पेश करेंगे।
- इसके बाद कई शूटर्स के लाइसेंस रद्द हो सकते हैं।
- ईओडब्ल्यू जल्द ही चीन कनेक्शन की पुष्टि के लिए केन्द्रीय एजेंसियों से समन्वय करेगी।
- खेल से जुड़े नामचीन चेहरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।