सागर। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सागर जिले में एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां देवा जोगी योगी ने साइकिल और पैदल चारधाम यात्रा पूरी कर समाज को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का सशक्त माध्यम भी साबित हुई।
इस विशेष यात्रा का शुभारंभ 1 जून 2025 को महामृत्युंजय मंदिर और मंशापूरण महादेव मंदिर से किया गया था। इस अभियान को Bharatiya Mazdoor Sangh की प्रेरणा से शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना और प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
यात्रा के दौरान देवा जोगी योगी ने साइकिल और पैदल चलकर चारधाम की कठिन यात्रा पूरी की। उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि हम सच में पर्यावरण को बचाना चाहते हैं, तो हमें अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाने होंगे। वाहन का कम उपयोग, पेड़-पौधों का अधिक रोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग ही पर्यावरण संरक्षण का सही मार्ग है।
योगी ने बताया कि आज के समय में प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरित बनाए रखें।
इस यात्रा का एक विशेष पहलू यह भी रहा कि योगी ने केवल संदेश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने साइकिल और पैदल यात्रा कर यह दिखाया कि पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाना संभव है। उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया है।

यात्रा के सफल समापन पर जिला चिकित्सालय परिसर में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष जगदीश जारोलिया, दीपक मिश्रा, कमलेश चुटीले, प्रभात मिश्रा, सोनू चुटीले, इरफान अली, बिहारी यादव और विनय सोदिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने देवा जोगी योगी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे प्रयासों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे, तो बड़े बदलाव संभव हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाती हैं। साइकिल और पैदल यात्रा जैसे प्रयास न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करते हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं।
देवा जोगी योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसे सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि यदि हम आज पर्यावरण के प्रति सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी संकल्प लिया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे और अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे। कार्यक्रम में वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, यह यात्रा न केवल एक धार्मिक और व्यक्तिगत उपलब्धि रही, बल्कि समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाली पहल भी साबित हुई। देवा जोगी योगी का यह प्रयास यह दर्शाता है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
यह पहल सागर जिले के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में अन्य लोगों को भी इसी तरह के प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगी।