पार्टी करता, शराब पिलाता और फिर गला घोंटकर कर देता हत्या – दो वारदातें कबूल, और नाम थे लिस्ट में
खंडवा/खरगोन। “गाली दी थी… इसलिए मार दिया।” यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं बल्कि 45 वर्षीय धनिया उर्फ धर्मेंद्र का कबूलनामा है, जिसने दो हत्याओं को बेहद ही ठंडे दिमाग और खौफनाक तरीके से अंजाम दिया। पहले साथ बैठकर शराब पिलाता, फिर गमछे से गला दबाकर मार डालता। वारदात को हादसा दिखाने के लिए कभी नदी में शव फेंक देता, तो कभी सड़क पर पटक देता।
आरोपी पर पुलिस का खुलासा और पूछताछ से जो कहानी सामने आई है, वह किसी क्राइम थ्रिलर सीरियल से कम नहीं। दरअसल, यह आदतन शराबी और अपराधी टेलीविजन पर क्राइम सीरियल देखकर मर्डर के आइडिया सीखता था और फिर अपने दुश्मनों पर अमल कर देता।

पहली वारदात से खुला राज
26 जून को खंडवा पुलिस को नर्मदा नदी से एक शव मिला था। पहली नजर में मामला डूबने का लगा, लेकिन पोस्टमॉर्टम ने हत्या का राज खोल दिया। शव की पहचान बस ड्राइवर सालकराम उर्फ नाना के रूप में हुई।
कुत्तों ने शव का बड़ा हिस्सा नोंच डाला था, फिर भी डाइटम टेस्ट और जांच में साफ हुआ कि उसकी मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई थी।
धनिया ने कबूल किया –
“सालों पहले सालकराम और उसके भाई ने मुझे पीटा था। तभी से बैर था। उसे पार्टी के बहाने नदी किनारे ले गया, शराब पिलाई और फिर गमछे से गला दबाकर मार दिया। शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया ताकि लगे शराब पीकर डूब गया।”

दूसरी हत्या और गिरफ्तारी
18 जुलाई को खरगोन जिले के बडूद गांव के प्रकाश गायकवाड़ (45) की लाश सनावद-खंडवा रोड पर मिली। पुलिस को शक हुआ और सीसीटीवी व गवाहों की मदद से जांच की तो सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक को धनिया के साथ देखा गया था।
23 जुलाई को पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पहले तो वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ में सब उगल दिया।
धनिया ने कहा –
“प्रकाश मुझे गालियां देता था। उस दिन भी अपमानित किया, तो तय किया आज ही खत्म कर दूंगा। शराब पिलाई और गमछे से गला घोंट दिया। शव को सड़क पर पटक दिया ताकि लगे कि एक्सीडेंट हुआ है।”

दोनों मर्डर की एक जैसी स्टोरी
- पहले शिकार को शराब पार्टी के लिए बुलाता।
- ज्यादा पिलाकर उसे नशे में चूर करता।
- फिर गमछे से गला दबाकर हत्या करता।
- वारदात को छुपाने के लिए शव को या तो नदी में फेंकता या सड़क पर छोड़ देता।
साइको किलर की सोच और लिस्ट
पूछताछ में पुलिस हैरान रह गई जब उसने बताया कि और भी चार-पांच नाम उसकी लिस्ट में थे। ये वे लोग थे जिन्होंने उससे विवाद किया था या गालियां दी थीं।
धनिया ने साफ कहा –
“पहली वारदात में सफल हुआ तो लगा कि मैं पकड़ा नहीं जाऊंगा। क्राइम सीरियल देखकर और हिम्मत आ गई। सोचा गांव में जिनसे दुश्मनी है, सबको इसी तरह खत्म कर दूंगा।”

अपराधी का बैकग्राउंड
- धनिया पहले से ही सनावद का लिस्टेड गुंडा है।
- उस पर मारपीट, गुंडागर्दी और दुष्कर्म के केस दर्ज हैं।
- 5 साल की सजा काटकर अप्रैल 2024 में ही जेल से बाहर आया था।
- शराब और क्राइम सीरियल का आदी, घर-परिवार छोड़ चुके हैं।
- पुलिस की गुंडा सूची में पहले नाम रह चुका है।
फॉरेंसिक सबूतों से जुड़ा केस
खंडवा एसपी मनोज राय ने बताया –
“सालकराम की लाश सड़ चुकी थी, इसलिए मौत की वजह स्पष्ट नहीं थी। आरोपी के कबूलनामे और फॉरेंसिक टेस्ट (डाइटम टेस्ट निगेटिव) ने साबित किया कि मौत डूबने से नहीं, बल्कि हत्या से हुई।”
पुलिस ने आरोपी से गमछा, बाइक और मोबाइल जब्त किए हैं। अब प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर दोनों मामलों की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

क्या है डाइटम टेस्ट?
फॉरेंसिक जांच में यह टेस्ट डूबकर हुई मौत का पता लगाने के लिए किया जाता है। अगर व्यक्ति जिंदा रहते पानी में डूबता है, तो पानी के डाइटम (एक प्रकार के शैवाल) शरीर में फैल जाते हैं। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो मतलब मौत डूबने से नहीं हुई।

बड़ा सवाल
धनिया जैसे साइको किलर अगर समय रहते पकड़ में न आएं तो गांव-समाज में कितनी और जानें जा सकती थीं? पुलिस की तफ्तीश और समय पर गिरफ्तारी ने इस खतरनाक सीरियल किलर की हिट लिस्ट पर आगे बढ़ने से रोक दिया।