सागर।
मकरोनिया थाना अंतर्गत साईंखेड़ा इलाके के खेजरा बुदु गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक निर्माणाधीन मकान से बेहद जहरीले कोबरा सांप का रेस्क्यू किया गया। बताया जा रहा है कि यह कोबरा प्रजाति का सांप पिछले करीब पांच साल से उसी स्थान पर डेरा जमाए हुए था।
गांव निवासी ऋषिकांत पांडे अपने कच्चे मकान को पक्का कराने के लिए निर्माण कार्य शुरू करवा रहे थे। मकान का कुछ हिस्सा अभी भी खप्पर का बना हुआ था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे जब निर्माण कार्य चल रहा था, उसी दौरान खप्पर वाले हिस्से में सांप के मौजूद होने की जानकारी सामने आई। देखते ही देखते यह खबर आसपास के लोगों में फैल गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्प विशेषज्ञ अकील बाबा को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अकील बाबा मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर की मशक्कत के बाद उन्होंने करीब पांच फीट लंबे कोबरा सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया और अपने कब्जे में ले लिया। कोबरा के बाहर निकलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया, वहीं ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

रेस्क्यू के दौरान अकील बाबा ने बताया कि कोबरा बेहद ही जहरीली प्रजाति का सांप होता है। यदि यह किसी व्यक्ति को काट ले तो चंद मिनटों में उसकी जान जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें। समय ही सबसे बड़ा इलाज है।

अकील बाबा ने यह भी जानकारी दी कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सांप के जहर का प्रभाव खत्म करने की दवा (एंटी वेनम) उपलब्ध है। ऐसे मामलों में बिना देरी किए सीधे अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना चाहिए, ताकि समय रहते व्यक्ति की जान बचाई जा सके।
इस घटना के बाद गांव के लोगों ने सर्प विशेषज्ञ अकील बाबा की तत्परता और साहस की सराहना की। साथ ही प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को सांपों से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके।