16 दिन में तीसरी घटना, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
सागर शहर के एलिवेटेड कॉरिडोर से आत्महत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार रात एक और मामला सामने आया, जब 45 वर्षीय चंदन सिंह राजपूत ने कॉरिडोर से छलांग लगाकर जान दे दी। मृतक पुरव्याऊ क्षेत्र का निवासी था। यह घटना चकराघाट की ओर की बताई जा रही है, जिसे आसपास मौजूद लोगों ने देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बोट क्लब के कर्मचारियों की मदद से तालाब में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। चंदन सिंह को बोट की सहायता से बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

तीसरी आत्मघाती घटना, सुरक्षा व्यवस्था सवालों में
गौरतलब है कि बीते 16 दिनों में यह तीसरी घटना है, जब किसी ने एलिवेटेड कॉरिडोर से छलांग लगाई है। 30 जून को एक युवती ने तालाब में कूदने की कोशिश की थी, जिसे बोट क्लब कर्मचारियों ने बचा लिया। वहीं, 20 जून को जैसीनगर क्षेत्र की महिला ने भी कूदने का प्रयास किया था, लेकिन पानी कम होने के कारण उसकी जान बच गई।
स्थानीय रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि कॉरिडोर पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा जाली या अवरोधक नहीं लगे हैं। जिससे आत्मघाती प्रवृत्ति वाले लोगों को यह स्थान आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

मांग उठी—लगें सुरक्षा जालियां
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉरिडोर पर जल्द से जल्द सुरक्षा जालियां लगाई जाएं और वहां निगरानी के लिए सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सहायता केंद्रों की उपलब्धता की भी मांग की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। चंदन सिंह के परिजनों से पूछताछ की जा रही है।