केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के जागरूकता प्रचार रथ को सागर कलेक्टर श्री संदीप जी आर और पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार शाहवाल ने कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार रथ विकासखण्ड राहतगढ़, खुरई, बीना और मालथोन में अगले सप्ताह तक चलेगा और स्थानीय जनता को इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मिलने वाले लाभ की जानकारी देगा। इस रथ के माध्यम से केन-बेतवा लिंक परियोजना का जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस परियोजना के लाभ से अवगत हो सकें।

केन-बेतवा लिंक परियोजना की विशेषताएँ
केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जो मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को कम करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत केन नदी का पानी बेतवा नदी में बहाया जाएगा, जिससे इन दोनों नदियों के जल स्रोतों को आपस में जोड़ने का कार्य होगा।
सागर जिले के 262 ग्रामों में यह परियोजना सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करेगी। कुल 90 हजार हेक्टेयर भूमि इस परियोजना से सिंचित होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा। इसके अलावा, सागर, विदिशा और रायसेन जिले के 895 ग्रामों के लगभग 9 लाख 17 हजार 920 लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा विभिन्न पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

प्रचार रथ के उद्देश्य और कार्य
प्रचार रथ को विशेष रूप से इस उद्देश्य से चलाया जा रहा है कि इस परियोजना के बारे में आम लोगों को जागरूक किया जा सके। रथ के अंदर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से परियोजना के लाभों और इसके कार्यान्वयन की जानकारी दी जाएगी। इस रथ को चलाने का उद्देश्य जनता को इस योजना से जुड़े लाभों के बारे में विस्तार से बताना है, जैसे जल संरक्षण, सिंचाई की सुविधाएं, और पेयजल उपलब्धता।
इस प्रचार रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक सीधे पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे इस परियोजना के लाभ का पूरा लाभ उठा सकें। रथ अगले सप्ताह तक विकासखण्ड राहतगढ़, खुरई, बीना और मालथोन के क्षेत्रों में पहुंचेगा और लोगों को इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी देगा।

परियोजना का विस्तार और लाभ
केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल सागर जिले तक ही सीमित नहीं है। इस परियोजना के तहत आगामी समय में बुंदेलखंड के 6 जिले—छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, दमोह, और सागर, साथ ही उत्तर प्रदेश के 4 जिले—जालौन, चित्रकूट, बांदा और महोबा को भी लाभ मिलेगा।
परियोजना के अंतर्गत 218 किलोमीटर लंबी केन-बेतवा लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा, जो अपर लेवल टनल से बेतवा नदी तक जाएगी। इस नहर से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी और जल संकट से जूझ रहे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

समाज और पर्यावरण पर प्रभाव
यह परियोजना न केवल कृषि और जल आपूर्ति में सुधार लाएगी, बल्कि यह पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह नदियों के जलस्तर को बनाए रखने में मदद करेगा, साथ ही भूजल स्तर में सुधार लाएगा। इसके अतिरिक्त, परियोजना से जल संकट के प्रभावों को कम करने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
केन-बेतवा लिंक परियोजना मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। इसके जरिए जल प्रबंधन, कृषि विकास और पेयजल सुविधा में महत्वपूर्ण सुधार किए जाएंगे। इस परियोजना के प्रचार रथ की शुरुआत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जानकर इसका लाभ उठा सकेंगे।