सागर का लाखा बंजारा कॉरिडोर बना सुसाइड प्वाइंट, पुलिस की लापरवाही उजागर लड़की को वोट क्लब कर्मचारी ने बचाया पुलिस ने घटनास्थल पर एम्बुलेंस बुलवाने की बजाय आधे घंटे तक महिला कॉन्स्टेबल का इंतजार किया। मध्यप्रदेश के सागर जिले की लाखा बंजारा।तालाब के बीचोबीच बने कॉरिडोर का दृश्य जितना मनोरम है, उतना ही यह अब एक खतरनाक सुसाइड पॉइंट के रूप में उभर रहा है। रविवार 29 जून को दोपहर करीब 12:00 बजे एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जब एक युवती ने अचानक कॉरिडोर से तालाब में छलांग लगा दी।इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था को उजागर किया बल्कि गोपालगंज पुलिस की गंभीर लापरवाही को भी सामने लाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार दोपहर एक युवती कॉरिडोर पर चल रही थी, जब उसने अचानक तालाब में छलांग लगा दी।
कॉरिडोर से गुजर रहे लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। गनीमत रही कि जीस स्थान पर युवती ने छलांग लगाई। वहाँ पानी की गहराई कम थी। पास ही मौजूद झील वोट क्लब के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत नाव लेकर मौके पर पहुंचे।और युवती को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला। हालांकि इस घटना में गोपालगंज पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस कर्मचारी मोटरसाइकिल पर मौके पर पहुंचे, लेकिन उनकी तैयारी और संसाधनों की कमी साफ झलक रही थी।पुलिस ने घटनास्थल पर एम्बुलेंस बुलवाने की बजाय आधे घंटे तक महिला कॉन्स्टेबल का इंतजार किया। इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल एक अक्टिव स्कूटर पर पहुंची और युवती को अकेले ही स्कूटर पर बिठाकर अस्पताल ले गई। इस दौरान कोई अन्य पुलिसकर्मी या सहायक मौजूद नहीं था।जो युवती को संभाल सके।
यह घटना कई मायनों में पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है। सबसे पहले गोपालगंज थाना घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित है, फिर भी पुलिस का कोई वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। युवती ने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके चलते उसकी मानसिक।और शारीरिक स्थिति नाजुक हो सकती थी। ऐसी स्थिति में उसे अक्टिव पर बिना किसी सहायता के ले जाना जोखिम भरा था। यदि रास्ते में युवती की तबियत बिगड़ती या वह अक्टिव से गिर जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस क्यों नहीं बुलाई?
ऐसी घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। लेकिन गोपालगंज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।यह लापरवाही न केवल इस घटना में सामने आई बल्कि यह एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाती है क्योंकि लाखा बंजारा कॉरिडोर पर ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी है। लाखा बंजारा तालाब का कॉरिडोर जो कभी सागर की शान हुआ करता था।अब धीरेधीरे सुसाइड पॉइंट के रूप में कुख्यात हो रहा है। हाल के महीनों में इस कॉरिडोर से कई लोगों ने तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। कुछ दिन पहले भी एक महिला ने इसी कॉरिडोर से छलांग लगाई थी और ऐसी कई अन्य घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉरिडोर की डिज़ैन ऐसी है कि यह आसानी से तालाब तक पहुँच प्रदान करती है और कोई सुरक्षा उपाय जैसे कि जाली या रेलिंग मौजूद नहीं है। इस कारण यह स्थान आत्महत्या के इरादे वाले लोगों के लिए आसान लक्ष्य बन गया है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
निवासियों का कहना है कि कॉरिडोर पर जाली या रेलिंग लगाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा।तालाब के आसपास निगरानी बढ़ाने और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की भी मांग की जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस को ऐसी घटनाओं के लिए बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन दिए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही ना हो।गोपालगंज पुलिस ने युवती को अस्पताल पहुंचाया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवती कौन है और उसने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया?
हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।लाखा बंजारा तालाब का कॉरिडोर अब केवल एक पर्यटक स्थल नहीं बल्कि एक गंभीर सामाजिक और सुरक्षा समस्या का प्रतीक बन गया है। इस घटना ने ना केवल पुलिस की लापरवाही को उजागर किया बल्कि प्रशासन की उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।तो यह स्थान और अधिक त्रासदियों का गवाह बन सकता है प्रशासन को चाहिए।देखिए कि वह स्थानीय लोगों की मांगों पर ध्यान दे और कॉरिडोर को सुरक्षित बनाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया