सागर की यामिनी मौर्य ने अंतर्राष्ट्रीय जूडो में जीता स्वर्ण, प्रदेश का बढ़ाया गौरव !

Spread the love

मध्यप्रदेश के सागर जिले की उभरती हुई जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल कर न केवल अपने जिले बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।

28 से 29 मार्च 2026 के बीच अफ्रीकी देश सेनेगल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में यामिनी मौर्य ने 57 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया। प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, ऐसे में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी थी। इसके बावजूद यामिनी ने अपने उत्कृष्ट कौशल, आत्मविश्वास और अनुशासन के दम पर सभी मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यामिनी की जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे सागर जिले और मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और सीमित संसाधनों के बावजूद भी यदि प्रतिभा और मेहनत हो, तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।

इस उपलब्धि पर नरयावली क्षेत्र के विधायक प्रदीप लारिया ने यामिनी मौर्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने यामिनी के माता-पिता — पिता हरिओम मौर्य और माता मिथलेश मौर्य — के साथ-साथ उनके कोच दीपक कुमार को भी इस सफलता का श्रेय देते हुए सराहना की। विधायक ने कहा कि यामिनी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

मध्यप्रदेश जूडो एसोसिएशन के सचिव नरेश ट्टवारे, टेक्निकल चेयरमैन एवं अंतर्राष्ट्रीय रेफरी डॉ. पूनिमा विसेन सहित कई खेल पदाधिकारियों ने भी यामिनी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां प्रदेश में खेलों के विकास को नई दिशा देती हैं और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाती हैं।

यामिनी की इस सफलता के पीछे उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और नियमित अभ्यास की अहम भूमिका रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करती रहीं। उनके कोच दीपक कुमार ने भी उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और मानसिक रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

परिवार का सहयोग भी यामिनी की सफलता में अहम रहा है। उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। यही कारण है कि आज यामिनी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराया है।

विधायक प्रदीप लारिया ने इस अवसर पर कहा कि क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर प्रभूदयाल पटेल, सौरभ केशरवानी, रामप्रसाद विश्वकर्मा, योगेश पटेल और आशुतोष ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी यामिनी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यामिनी मौर्य की यह सफलता सागर जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरी है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि से न केवल खेल जगत में बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक संदेश गया है कि बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं और वे हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

इस तरह, यामिनी मौर्य की यह स्वर्णिम जीत आने वाले समय में कई नई प्रतिभाओं को प्रेरित करेगी और सागर जिले को खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *