मध्यप्रदेश के सागर में आयोजित राज्य स्तरीय सब-जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता के पहले ही दिन रोमांच चरम पर रहा। मकरोनिया रजाखेड़ी स्थित गार्डन में सागर जिला कुश्ती संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 150 से अधिक मुकाबले खेले गए, लेकिन 55 किलोग्राम वर्ग का एक मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
इस मुकाबले में सीहोर के उभरते पहलवान आलोक ने भोपाल के खिलाड़ी वीर को महज 6 सेकंड में चित कर सभी को चौंका दिया। आलोक ने शुरुआत होते ही “डबल लेग अटैक” दांव का इस्तेमाल किया और विरोधी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। यह मुकाबला इतनी तेजी से खत्म हुआ कि दर्शक भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए।
कुश्ती विशेषज्ञों के अनुसार, यह जीत तकनीक, फुर्ती और सही समय पर लिए गए फैसले का बेहतरीन उदाहरण है। आलोक ने जिस सटीकता से दांव लगाया, वह उच्च स्तर के प्रशिक्षण और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

इंदौर से आए एनआईएस कोच और नेशनल रेफरी मनीष नामदेव खांडेराव ने इस दांव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कुश्ती में “डबल लेग अटैक” को आम भाषा में “दो पट मारना” भी कहा जाता है। इस तकनीक में पहलवान बेहद तेजी से झुकते हुए प्रतिद्वंद्वी के दोनों पैरों को घुटनों के पीछे से पकड़ता है और संतुलन बिगाड़ते हुए उसे मैट पर गिरा देता है।
फ़्रीस्टाइल कुश्ती में इस दांव को सबसे प्रभावी और ज्यादा अंक दिलाने वाला माना जाता है। अगर इसे सही समय और गति के साथ लगाया जाए, तो विरोधी के पास बचने का लगभग कोई मौका नहीं होता—जैसा कि इस मुकाबले में देखने को मिला।
प्रतियोगिता के पहले दिन ही इस तरह के हाई-वोल्टेज मुकाबलों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया है। युवा पहलवानों की प्रतिभा और उनके खेल कौशल ने यह संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में कुश्ती के क्षेत्र में प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल है।
आलोक की इस तेज जीत ने न सिर्फ उन्हें प्रतियोगिता का स्टार बना दिया, बल्कि अन्य खिलाड़ियों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया कि कुश्ती में तकनीक और गति का सही संयोजन कैसे चमत्कार कर सकता है।
कुल मिलाकर, सागर में चल रही यह राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता खेल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है, जहां हर मुकाबले में जोश, जुनून और कौशल का शानदार संगम देखने को मिल रहा है।