मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खतौली में बुधवार देर रात एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई है। पारिवारिक रंजिश के चलते हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक युवक को गोली मार दी गई। घायल युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।

घटना का विवरण:
घटना बुधवार रात लगभग 10 बजे की है, जब ग्राम खतौली निवासी नितिन (उम्र 21 वर्ष), पुत्र प्रहलाद सिंह राजपूत और भूपेंद्र सिंह के बीच पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि भूपेंद्र सिंह के पक्ष से नितिन पर गोलियां चला दी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले में दो गोलियां नितिन के सिर में लगीं जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज और स्थिति:
घटना की सूचना मिलते ही देवरी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायल नितिन को पहले देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहाँ भी उसकी हालत में सुधार न होने पर उसे भोपाल रेफर कर दिया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है और हालत नाजुक बनी हुई है।

पुलिस की कार्रवाई:
देवरी थाना प्रभारी मीनेश भदौरिया ने बताया कि नितिन के परिजनों की शिकायत पर भूपेंद्र सिंह समेत तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और गाँव में शांति बनी हुई है।
प्राथमिक जांच और संभावित कारण:
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि नितिन और भूपेंद्र सिंह के परिवारों के बीच जमीन या अन्य पारिवारिक कारणों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने बुधवार रात हिंसक रूप ले लिया।

स्थानीय प्रतिक्रिया:
घटना के बाद पूरे ग्राम खतौली में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार झगड़े हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला गोली चलने तक पहुँच गया जो चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यह घटना न केवल एक परिवारिक विवाद के खतरनाक मोड़ का उदाहरण है बल्कि यह भी दर्शाती है कि समय पर सुलह और कानून का पालन न होने से मामूली झगड़े कैसे जानलेवा बन सकते हैं। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन, समाज और पंचायत को भी मिलकर प्रयास करने होंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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