सागर के गढ़ाकोटा से लापता नाबालिग की देवास से बरामदगी: आरोपी गिरफ्तार !

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घटना का विवरण:

सागर जिले के गढ़ाकोटा से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को पुलिस ने देवास से दस्तयाब किया है। यह नाबालिग लड़की 4 नवंबर को रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और स्कूल के रास्ते में नाबालिग का बैग और साइकिल मिली। परिजनों ने जब फोन किया, तो मोबाइल बंद था। इस संदिग्ध स्थिति को देखते हुए परिजनों ने गढ़ाकोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत और पुलिस कार्रवाई:

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाबालिग की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले नाबालिग के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, लेकिन नंबर बंद था। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग के दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की, जिससे एक संदेही का नाम सामने आया। इस दौरान पुलिस को नाबालिग की लोकेशन देवास में मिली, जिससे पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला।

देवास में आरोपी की गिरफ्तारी:

पुलिस ने देवास में नाबालिग की लोकेशन मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की। बुधवार को पुलिस की टीम देवास पहुंची, जहां संदेही युवक को हिरासत में लिया गया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया कि उसने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ देवास ले आया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने देवास में एक किराए का कमरा लेकर नाबालिग को रखा था।

नाबालिग की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी:

पुलिस ने आरोपी के साथ देवास में स्थित किराए के कमरे पर छापा मारा, जहां नाबालिग सुरक्षित मिली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को सुरक्षित रूप से गढ़ाकोटा अपने परिवार के पास भेज दिया। नाबालिग की बरामदगी के बाद परिवार वालों ने राहत की सांस ली, जबकि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

आरोपी की पहचान और अपराध:

गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीकांत दुबे ने बताया कि आरोपी की पहचान राहुल काछी के रूप में हुई है, जो इमलाई का निवासी है। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले लिया था। वह देवास में किराए का कमरा लेकर नाबालिग को वहां रखे हुए था। नाबालिग के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस की कार्रवाई और परिणाम:

सागर पुलिस की यह कार्रवाई उन प्रयासों का उदाहरण है, जिसमें पुलिस ने संजीदगी से लापता नाबालिग की तलाश की और उसे सही सलामत उसके परिवार के पास वापस भेजा। इस घटना ने यह साबित किया कि पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई के जरिए जघन्य अपराधों को रोका जा सकता है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसे कानून के सामने लाया गया है, ताकि नाबालिग के साथ हुई घटना की सजा सुनिश्चित की जा सके।

यह घटना न केवल पुलिस की त्वरित और संजीदा कार्रवाई का प्रमाण है, बल्कि यह समाज में बच्चों और नाबालिगों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर करती है। ऐसे मामलों में पुलिस का सही समय पर कदम उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, ताकि अपराधी को सजा दिलाई जा सके और पीड़ित को न्याय मिले।

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