मकर संक्रांति से पहले सागर शहर में एक अनूठी और श्रद्धा से जुड़ी धार्मिक पहल देखने को मिली। सागर के चकराघाट पर राम सरोज समूह द्वारा देश की सात पवित्र नदियों का जल मंगवाकर वैदिक विधि-विधान के साथ झील में प्रवाहित किया गया। यह आयोजन सोमवार रात वैदिक मंत्रोच्चार, दुग्धधारा और गंगा आरती के बीच संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
इस धार्मिक अनुष्ठान में 11 ब्राह्मणों ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई। राम सरोज समूह द्वारा प्रयागराज त्रिवेणी संगम सहित देश की सात पवित्र नदियों—गंगा (त्रिवेणी), नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, क्षिप्रा और मंदाकिनी—का जल विशेष रूप से मंगवाया गया, जिसे चकराघाट स्थित झील में प्रवाहित किया गया। इस अवसर पर गंगा आरती का भव्य आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

विधायक बोले: सागरवासियों के लिए सौभाग्य
कार्यक्रम में उपस्थित शैलेंद्र जैन ने इसे एक अनूठा और ऐतिहासिक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि राम सरोज समूह की इस पहल से अब सागरवासियों को मकर संक्रांति पर त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए प्रयागराज नहीं जाना पड़ेगा। श्रद्धालुओं को अपने ही शहर में त्रिवेणी स्नान का पुण्य लाभ मिल सकेगा।
सप्त नदियों के जल से मिलता है पुण्य और शांति
समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने बताया कि सप्त नदियों के जल से स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, पापों का नाश होता है और व्यक्ति को आरोग्य, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि इससे मन को शांति मिलती है और ग्रहों के दोष भी दूर होते हैं। इसी भावना के साथ राम सरोज समूह ने यह व्यवस्था सागरवासियों के लिए की है।

14 जनवरी को गंगाजल और लड्डुओं का वितरण
समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने जानकारी दी कि गंगा आरती के बाद सप्त नदियों के पावन जल को झील में प्रवाहित किया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को दोपहर 2 बजे से चकराघाट परिसर में श्रद्धालुओं को गंगाजल और लड्डुओं का वितरण किया जाएगा।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस धार्मिक आयोजन में राजकुमार खत्री, समाजसेवी संजीव केसरवानी, संयम चतुर्वेदी, बबलू चौरसिया, अरविंद सोनी, आयुषी चौरसिया, आशिमा तिर्की, अतुल बाल किशोर, शशांक तिवारी, राहुल रैकवार, विष्णु साहू, सुनील भदोरिया, संदीप सोनी, अब्बी साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित रहे।
इस पहल से सागर में मकर संक्रांति पर्व को लेकर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बन गया है, वहीं शहरवासियों ने इस आयोजन को आस्था और संस्कृति से जुड़ा एक सराहनीय प्रयास बताया है।